पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • कुछ बनना है तो रोज क्लास में आना होगा, नया सीखना होगा : गोस्वामी

कुछ बनना है तो रोज क्लास में आना होगा, नया सीखना होगा : गोस्वामी

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कॉलेजोंऔरस्कूलों में अक्सर मेरिटोरियस स्टूडेंट्स को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम होते हैं लेकिन मेहरचंद में सोमवार को कुछ अलग हुआ। पिछले सेमेस्टर में क्लास में कम हाजिरी वाले और कमतर रिजल्ट लाने वाले स्टूडेंट्स को मोटिवेट करने के लिए यह कैंप लगाया गया। साथ ही उन बच्चों के लिए भी जिनको कभी अनुशासन तोड़ते हुए पकड़ा गया था, ताकि उन्हें भरोसे में लेकर यह समझाया जा सके कि यह जिंदगी यूं बर्बाद करने के लिए नहीं है।

पर्सनैलिटी ग्रुमिंग के लिए पहुंचे निब्बल टेक्नोक्रैट के चेयरमैन अजीत गोस्वामी ने स्टूडेंट्स की ग्रूमिंग के लिए उनसे लिखित में लिया कि वह जिंदगी में क्या बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि आप जिंदगी में वो बन पाएंगे जो बनना चाहते हैं, लेकिन आपको क्लास में रोज आना होगा। रोज कुछ नया सीखोगे, रोज अपने मकसद के नजदीक जाओगे। मेरा लिखवाने का मतलब यह था कि स्टूडेंट्स जानें कि उनका मकसद क्या है। गोस्वामी सिर्फ इस कॉलेज के संस्थापक पंडित मेहर चंद के बेटे हैं बल्कि इस कॉलेज के ओल्ड स्टूडेंट भी हैं। इंडियन ऑर्डीनेंस फैक्टरी के इंडियन जनरल मैनेजर भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स से यह पूछना सबसे जरूरी है कि वह क्या करना चाहते हैं। डांटना, मारना पीटना या कॉलेज से निकाल देना यह हल नहीं हैं।

प्रिंसिपल जगरूप सिंह ने कहा कि उन्होंने 10 साल पहले यह प्रोग्राम शुरू किया था ताकि सभी तरह के स्टूडेंट्स एक साथ आगे बढ़ सकें। सेव अर्थ सोसायटी की ओर से यह कार्यक्रम करवाया गया। सोसायटी के प्रधान संजय बांसल ने बताया कि इस कैंप का मकसद पढ़ाई में पीछे रहने वाले और जिनका अटेंडेंस कम है, उन स्टूडेंट्स को मोटीवेट करना।

मेहरचंद पॉलिटैक्निक कॉलेज में अजीत गोस्वामी को सम्मानित करते प्रिंसिपल जगरूप सिंह अन्य। -भास्कर