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दुग्गल साब! काश इस मां के बारे में सोचा होता
कपड़ाव्यापारी राज कुमार दुग्गल ने श्री देवी तालाब मंदिर के सरोवर में कूद कर खुदकुशी कर ली। उनका अंतिम संस्कार हरनामदासपुरा के श्मशानघाट में किया गया। अली मोहल्ले के राज कुमार दुग्गल (48) पुत्र शिव चरण दास दुग्गल की पीर बोदलां बाजार में आनंद आर्ट के नाम से कपड़े की चार दुकानें हैं। राज कुमार दुग्गल लायंस क्लब के सदस्य भी थे। उनके दो बेटे विकास (22) और आशीष (20) हैं। उनके जीजा राज कुमार सहगल ने बताया कि राज कुमार दुग्गल रोजाना श्री देवी तालाब मंदिर माथा टेकने जाते थे। मंगलवार रात साढ़े सात बजे प|ी रजनी और बड़े बेटे विकास (22) के साथ वह मंदिर माथा टेकने गए। उसके बाद घर आकर परिवार के साथ खाना खाने के बाद परिवार के साथ बाहर जाकर आइसक्रीम भी खाकर आए। रात करीब दस बजे राज कुमार दुग्गल ने परिवार को कहा कि वह सैर करने मंदिर जा रहे हैं और घर से पैदल ही चले गए। देर रात तक घर वापस जब वो नहीं आए, तो परिवार के सदस्य उनको ढूंढते रहे, लेकिन कहीं भी उनका पता नहीं लगा।
देवी तालाब मंदिर के सब इंस्पेक्टर ईष चंदर शर्मा ने कहा कि मंदिर बंद होने का समय दस बजे है। साढ़े दस बजे सुरक्षाकर्मी मंदिर का चक्कर लगाते हैं, ताकि कोई श्रद्धालु अंदर हो तो उसे बाहर भेजा जा सके। 11 बजे काली माता मंदिर के बाहर बैठे धर्मशाला के लोगों ने पानी में कुछ गिरने की आवाज सुनी। राज कुमार दुग्गल ने पुरुष स्नान घर की दीवार पर से होते हुए सरोवर में छलांग लगाई थी। सफाई के कारण 13 फुट की जगह सात फुट ही पानी था। आवाज सुनते ही सुरक्षा कर्मी मैनुअल बोट से सरोवर में आवाज वाली जगह पहुंचे। राज कुमार पानी में बेसुध थे। पानी कम होने के कारण उन्हें बाहर निकालने में दिक्कत आई। सवा 11 बजे उनको सरोवर से बाहर निकाल श्री देवी तालाब मंदिर चैरिटेबल अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। थाना आठ के एसएचओ नरेश कुमार जोशी ने कहा कि सुबह उनके परिवार का पता लगने पर उन्हें बुलाया गया। परिवार 174 की कार्रवाई करवा शव ले गए। खुदकुशी के कारणों का पता नहीं लग सका है।
हरनामदासपुरा में संस्कार : राज कुमार दुग्गल का अंतिम संस्कार हरनामदासपुरा श्मशानघाट में किया गया। उनके संस्कार में देवी तालाब मंदिर कमेटी के जनरल सेक्रेटरी राजेश विज, भाजपा नेता क्लाथ मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान अनिल सच्चर समेत भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
राज कुमार दुग्गल
राज कुमार दूग्गल का जब हरनामदास पुरा श्मशानघाट में संस्कार किया गया तो उनकी मां को देख हर किसी के मन में बस यही बात थी कि क्या एक बार भी राज कुमार के मन में अपनी मां और परिवार का ख्याल नहीं आया।