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ठेकों की दुकानों की गिनती नहीं, जोन बढ़ सकते हैं
छोटे ठेकेदारों को ट्रेड में बरकरार रखने के लिए प्रस्ताव पर विचार
सिटीरिपोर्टर | जालंधर
नएसालके लिए शराब नीति को लेकर प्रोसीजर तेज हो गया है। एक्साइज विभाग जालंधर सिटी में शराब की दुकानों और जोन की मैपिंग में जुटा है। छोटे ठेकेदारों को ट्रेड में कायम रखने के लिए दुकानों की गिनती तो 356 ही रखने पर विचार है लेकिन जोन 14 से बढ़ाकर 20 किए जा सकते हैं। साल भर में करीब पौने तीन सौ करोड़ रुपए रेवेन्यू कमाने की तैयारी है।
साल 2015-16 में सरकार ने शराब की सेल से 42 सौ करोड़ रुपए का रेवेन्यू कमाने की तैयारी कर रखी है। चालू साल में यह 36 सौ करोड़ रुपए था। इसके लिए तीन बड़े बदलाव सकते हैं। पहला - शराब का कोटा 5 से 10 फीसदी बढ़ेगा। दूसरा- इंपोर्टेड लिकर के लिए शॉपिंग मॉल में दुकानों की संख्या बढ़ेगी। तीसरा-कारोबार के लिए माहौल बनाना ताकि शराब ठेकों की ऑक्शन में दिक्कत रहे।
एक्साइज डिपार्टमेंट से पता चला है कि जालंधर में जो पिछले साल जोन बनाकर शराब ठेके अलॉट किए थे। उन जोनों की गिनती बढ़ाने पर विचार हो रहा है, लेकिन ठेकों की गिनती नहीं बढ़ेगी। इस समय सिटी में 14 जोन हैं जिन्हें बढ़ाकर 20 किया जा सकता है। पुराने जोनों में से इलाके काटकर नए जोनों में जोड़े जाएंगे। मकसद है छोटे ठेकेदारों को ट्रेड में कायम रखना। अगर जोन बड़े किए जाते हैं तो छोटे ठेकेदार ट्रेड से हटेंगे, जिससे आक्शन के दौरान सरकार को ग्राहक ढूंढने में परेशानी होगी।