पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • आप नौजवान हैं, थोड़ा लंबा चल लीजिए, यूं ट्रैक पार कर ट्रेन से टकराकर मां बाप को जिंदगी भर के जख्म दें

आप नौजवान हैं, थोड़ा लंबा चल लीजिए, यूं ट्रैक पार कर ट्रेन से टकराकर मां-बाप को जिंदगी भर के जख्म दें

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
खतरा लेने वाले स्टूडेंट्स की परेशानियां

rohit.sidhu@dbcorp.in

आपलोगनौजवान है। एक किलोमीटर तो पैदल भी चल सकते हो। फिर रेल ट्रैक के रास्ते शॉर्टकट अपना कर जान मत गवाएं। जो मां-बाप को जिंदगी भर का दुख दें जाएं। क्या आप चाहते हैं कि ऐसा कुछ हो जो आपके एक होनहार साथी की जान ले गया। तो ऐसे शॉर्टकट से तौबा करना समझदारी है। स्टूडेंट्स भी रिस्क नहीं लेना चाहते, वह चाहते हैं कि हाईवे पर फुट ओवर ब्रिज बन जाए और रेलवे ट्रैक पर अंडर पास।

हां, माना समस्या है। एनआईटी के मुख्य गेट के सामने सिक्सलेन हाइवे है तो दूसरी तरफ डबल रेलवे ट्रैक। मुख्य गेट तक कोई ऑटो रिक्शा रूटीन में नहीं आता। ऑटो वाले स्टूडेंट्स को विधिपुर फाटक तक छोड़ देते हैं। वहां से एनआईटी के गेट तक का रास्ता सिर्फ आधा किलोमीटर ही तो है। जहां से पैदल चलकर आसानी से पहुंचा जा सकता है। जब तक अंडर पास नहीं बनता, तब तक पैदल चलने में समझदारी है। एनआईटी के प्रो. एमके झा कहते हैं कि स्टूडेंट्स को रिस्क नहीं लेना चाहिए। हम नहीं चाहते हैं कि स्टूडेंट्स ट्रैक पार करें, लेकिन हम किसी एक या दो गार्ड को लगाकर उनका रास्ता रोक भी नहीं सकते हैं। सभी स्टूडेंट्स समझदार हैं, उनको खुद समझना चाहिए। एनआईटी उनके लिए बस का इंतजाम कर चुकी है। हाईवे पर फुट ओवर ब्रिज और रेलवे ट्रैक पर अंडर पास बनाने के लिए कोशिशें चल रही हैं। उसका हल जरूर निकलेगा।

खबरऔर फोटो पेज-8 पर भी

एनआईटी में धरने की कमान सुबह लड़कियों ने संभाली। -फोटो गगन वालिया

पारस जुत्शी रजत सिंगला

पुल रातों रात नहीं बन सकता है, हमें समय तो दीजिए : एसडीएम

रेलट्रैक को पार करना समझदारी नहीं है। रेल ट्रैक पर अंडर पास और एनआईटी मुख्य गेट के सामने हाईवे पर रातों रात पुल नहीं बन सकता है। इसके लिए सेंट्रल सरफेस ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री और रेलवे मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी। जिसमें समय लग सकता है। जिला प्रशासन के सामने समस्या अभी आई है। हम तुरंत डीसी केके यादव की तरफ से मंत्रालय के साथ बातचीत और पत्राचार शुरू कर देते हैं। जैसे ही जवाब आएगा, एनआईटी और स्टूडेंट्स को हर 15 दिन में आने वाले रिस्पांस बारे बताएंगे। ्रांसपोर्टेशन और लाइट की समस्या में तुरंत होने वाले हल निकाले जाएंगे। -डॉ. अजय ओबराय, एसडीएम-1

रात तो क्या दिन में भी रेल ट्रैक पार करें

एनआईटीके पीछे के गेट के रास्ता आ