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सवाल : जाति आधारित आरक्षण का मकसद पूरा हो चुका, फिर आरक्षण खत्म क्यों नहीं करते ?
जनरलवीके सिंहसोमवार को एलपीयू में थे। यूथ के साथ इंटरेक्शन में एक सवाल स्टूडेंट एक्टिविटी अफेयर्स देख रहे राकेश महाजन की ओर से आया। सवाल था जातिवाद पर आधारित आरक्षण को शुरू करने का मकसद पूरा हो चुका है। पिछड़े वर्ग एससी, ओबीसी को समाज में दूसरी जातियों के साथ बराबर खड़ा करना मकसद था। फिर भी कास्ट बेस्ड रिजर्वेशन सिस्टम खत्म क्यों नहीं किया जा सकता। शिफ्ट क्यों नहीं किया जाता। क्यों उसे अब इकोनॉमी बेस्ड रिजर्वेशन सिस्टम नहीं बनाया जाता? इस बड़े सवाल और मुद्दे पर केन्द्रीय राज्य मंत्री, विदेश मंत्रालय और पूर्व चीफ ऑफ आर्मी वीके सिंह ने कहा- आप उठ के खड़े हो जाइए, चेंज आएगा।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की ओर से करवाए गए नेशन डेवलेपमेंट -रोल ऑफ यूथ नामक इस सेमिनार में सिर्फ यह एक ही सवाल नहीं था, बल्कि लगभग हर सवाल के जवाब में उन्होंने यही कहा कि आप उठ के खड़े हो जाइए, चेंज जाएगा। लवली ग्रुप के चेयरमैन रमेश मित्तल, एमएलए फगवाड़ा सोम प्रकाश, चांसलर एलपीयू अशोक मित्तल, एक्स एमएलए बटाला जगदीश साहनी, वाइस चेयरमैन नरेश मित्तल, प्रो. चांसलर रश्मि मित्तल और डायरेक्टर जरनल एलपीयू एचआर सिंगला भी मौजूद थे।
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एलपीयू में सेमिनार में दीप प्रज्ज्वलित करते केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह, साथ हैं िवधायक सोम प्रकाश, पूर्व विधायक जगदीश साहनी, चेयरमैन रमेश मित्तल, चांसलर अशोक मित्तल, डायरेक्टर नरेश मित्तल और प्रो. चांस्लर रश्मि मित्तल।
1. सवाल- क्याआप यूथ को पार्लियामेंट में देखते हैं? पीयूष आनंद, बीटेक स्टूडेंट
जवाब-हां,यूथ का वेलकम है, मैं तो कहूंगा कि संसद में पहले से ही बहुत सारे युवा सांसद हैं।
2.सवाल-सब कहतेहैं पॉलीटिक्स डर्टी गेम है, इसमें आपको क्या पॉजीटिव मिला? अमन वालिया, बीटेक स्टूडेंट
जवाब-अगरगंदगी को साफ करना है तो गंदगी में जाना पड़ेगा, सिस्टम को ट्रांसपेरेंट और रिस्पॉन्स बनाने के लिए आपको इस डर्टी गेम में आना पड़ेगा।
3.सवाल - कॉन्ट्रेक्टरको फायदा देने के लिए कब तक कच्चे रोड डिवाइडर बनेंगे, दिल्ली का मॉडल हिमाचल में इस्तेमाल क्यों नहीं होता? राकेश महाजन, फैकल्टी
जवाब-आपउठ के खड़े हो जाइए, चेंज आएगा।
4.सवाल- आपवहां से उठ कर आते हैं जहां कुछ कर सकते हैं? हमें तो हमेशा दबाया जाता है? चेंज कहां से आएगा। - एक स्टूडेंट
जवाब-जबतुम आ