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डीएमयू शेड में ठेकेदार और कारिंदों में झगड़ा
डीएमयूशेड में सफाई कर्मियों को वेतन नहीं दिए जाने का मामला गरमा गया है। शनिवार को भी सफाई कर्मियों ने काम बंद रखा था। ठेकेदार के कारिंदे डीएमयू शेड पहुंचकर सफाई कर्मियों को परिचय पत्र वापस मांगा तो इस बात को लेकर झगड़ा हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों में बहस हुई।
सफाई कर्मियों का आरोप है कि संदीप ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। इस पर सफाईकर्मी हंगामा करते हुए जीआरपी थाने पहुंच गए। जहां उनका साथ देने के लिए नगर निगम यूनियन के पवन बाबा अपनी साथियों के साथ पहुंचे। वहां पर ठेकेदार के कारिंदे पर पर्चा दर्ज करने का दबाव बनाया जाने लगा। जीआरपी के एएसआई गुरिंदर सिंह मौके पर जाकर मामले की जांच की लेकिन वहां पर ठेकेदार का कारिंदा नहीं मिला। फिलहाल सफाई कर्मियों की शिकायत ले ली है, लेकिन पर्चा नहीं दर्ज किया गया। गुरिंदर सिंह का कहना है कि सोमवार ठेकेदार के कारिंदे को बुलाकर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही पर्चा दर्ज किया जाएगा।
डीएमयू शेड में ठेके पर काम करने वाले सफाई कर्मियों ने वेतन नहीं मिलने के विरोध में शुक्रवार को काम बंद रखा। सफाई कर्मियों का कहना है कि नियमत: दस सितंबर को वेतन मिल जाना चाहिए। लेकिन ठेकेदार हर बार देरी के साथ वेतन देता है। इस बार अभी तक वेतन नहीं दिया गया है। जब वेतन की मांग की जाती है तो बात को टाल दिया जाता है। जब अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने भी कोई रिस्पांस नहीं दिया। इस वजह से काम को बंद कर दिया गया। डीएमयू शेड में इंजन, वाशिंग और अंडर फ्रेस की साफ-सफाई को ठेके पर दिया गया है। यहां पर सफाई कर्मी सुबह दस से शाम पांच बजे तक ड्यूटी करते हैं। इनके लिए उन्हें 4500 रुपए दिया जाता है। नियमत: उन्हें महीने की दस तारीख को वेतन दिया जाना चाहिए, लेकिन दो महीने से लगातार देरी के साथ वेतन दिया जा रहा है। काम बंद होने की वजह से गाड़ियों की सफाई नहीं हो सकी।
डीएमयू शेड में ठेकेदार पर मारपीट का आरोल लगाते कर्मचारी। -भास्कर