प्रधान बलबीर सिंह के निर्देश थे, गांव का गरीब बच्चा आए तो फीस मत लेना
लायलपुर खालसा कॉलेज में कंप्यूटर और कबड्डी को लाने और उसे शीर्ष पर पहुंचाने वाले पूर्व प्रधान बलबीर सिंह थे। शनिवार को उनकी आठवीं बरसी पर कॉलेज में श्री गुरु ग्रंथ साहिब का सहज पाठ रखा गया।
प्रिंसिपल डॉ. गुरपिंद्र सिंह समरा जोकि उनके समय में कॉलेज में पढ़ाते थे और स्कूल के डायरेक्टर भी थे, ने उनसे जुड़ी यादें साझा की। उन्होंने बताया कि इसी कॉलेज कैंपस में पढ़े और होस्टल में रहे बलबीर जी पहले व्यक्ति थे जिन्होंने कंप्यूटर के महत्व को समझा था उन्होंने इसमें भविष्य देखा और एक कमरे में कंप्यूटर लगाकर कोर्स शुरू किया। जब वे प्रधान बने तो उनके निर्देश सभी टीचरों और प्रिंसिपल को थे कि कोई गांव से आया गरीब लेकिन इंटेलीजेंट छात्र दिखे तो फीस मत लेना। उनका कहना था कि गांव -देहात से आने वाले गरीब छात्रों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए। प्रिंसिपल समरा के मुताबिक 1975-76 में पंजाब की पहली वुमन कबड्डी टीम को वे इंग्लैंड लेकर गए थे।
गवर्निंग काउंसिल की प्रधान बलबीर कौर ने कहा कि कंप्यूटर, फिजियोथैरेपी और बायोटैक्नोलॉजी में भविष्य देखते हुए वे इन कोर्सों को पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर तक लेकर गए। संयुक्त सचिव जसपाल सिंह वड़ैच, सरवण सिंह चीमा, जगदीप सिंह शेरगिल, अजैपाल सिंह, दलजीत सिंह, परमजीत सिंह राएपुर, एमएलए परगट सिंह गायक केएस मक्खन, भगवान सिंह जौहल, तीर्थ सिंह ढिल्लों, प्रीतम सिंह नारंगपुर, बार एसोसिएशन के प्रधान नरिंदर सिंह जज स्टूडेंट्स ने पूर्व प्रधान को श्रद्धांजलि दी।
लायलपुर खालसा कॉलेज के प्रधान बलबीर सिंह की 8वीं बरसी मनाई