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डेढ़ साल में बावा खेल रोड बनने से बर्बाद हुए कारोबारी

5 वर्ष पहले
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छह महीने का टारगेट था, साल बीता, नई 120 फुट रोड अधूरी

नगरनिगम ने पिछले जनवरी महीने में ये सपना दिखाया था कि पीपीआर से डायरेक्ट लिंक जीटीबी नगर को मिलेगा। ये लिंक तो मिला लेकिन अधूरा। अर्बन एस्टेट से गुरु रविदास चौक जाने के लिए माडल टाउन मार्केट में ट्रैफिक जाम से राहत की उम्मीद धरी रह गई है। साल भर से पीपीआर मार्केट के साथ अर्बन एस्टेट से लेकर मदर टैरेसा होम पार करते हुए नई 120 फुट रोड का प्रोजेक्ट यूं तो 6 महीने में पूरा करना था। लेकिन साल बीतने पर भी दोनों किनारों पर सड़क का काम लटक गया है।

ये रोड जीटीबी नगर की लाइफलाइन के रूप में उभरेगी। लेकिन हालत ये है कि पीपीआर की तरफ से सड़क कच्ची है। फिर लतीफपुरा में इसपर से कब्जे हटाए हैं और ही 1 लेन को चालू करने को बिछाए पत्थर पर लुक-बजरी ही डाली गई है। नई प्लानिंग में 1.46 करोड़ रुपए से मिट्ठापुर से लेकर जीटीबी नगर तक फुटपाथ बनाने थे। ये काम पूरा नहीं हुआ। फिर इसी रोड पर मदर टैरेसा होम से लेकर पीपीआर मॉल तक 1.20 करोड़ से लुक-बजरी डलनी थी। बचे हिस्से मदर टैरेसा होम से लेकर जीटीबी नगर टेलीफोन एक्सचेंज तक 1.45 करोड़ रुपए खर्चने की मंंजूरी हुई। हालत ये है कि विनय मंदिर की तरफ लिंक अधूरा रहा। फिर लतीफपुरा में सड़क नहीं बनी। स्ट्रीट लाइटें फिट होनी भी बाकी हैं।

1 साल में 1 किलोमीटर रोड भी नहीं बनी : रेजिडेंट्स

जीटीबीनगर वासी रविंदर शर्मा कहते हैं : स्मार्ट सिटी का 1000 करोड़ का प्रोजेक्ट निगम ने पूरा करना है। इसमें कितने साल लगेंगे? जो काम 6 महीने में 1 किलोमीटर रोड का होना है, उसे 1 साल में फिनिश नहीं कर सका है निगम।

120 फुट रोड की खस्ता हालत।

सड़क के काम के चलते कई दुकानदार काम बंद कर नौकरी करने को मजबूर।

जालंधर | वेस्टहलका की 120 फुटी रोड नगर निगम और सरकार के करोड़ों रुपए खा गई है। इसका पेट नहीं भरा है, अब भी कंक्रीट रोड बनाने के लिए करीब 70 लाख रुपए की लागत से कंकरीट की सड़क बनाने का काम चल रहा है। पिछले कुछ सालों में रोड को 5 से 6 बार बनाया गया है। कभी कंक्रीट की सड़क बनाई गई तो कभी लुक-बजरी की। हर बार बरसात में पानी खड़ा होने से सड़क टूट जाती है। कुछ महीने पहले लुक-बजरी की सड़क बनाई गई थी लेकिन कंकरीट की मोटी रोड बनाई जा रही है। तर्क दिया जा रहा है कि पानी में सड़क नहीं टूटेगी। सड़क तो बार-बार बनाई जा रही है लेकिन सड़क के टूटने की वजह बनने वाले बरसाती पानी की निकासी का प्रबंध नहीं किया जा रहा। 120 फुट रोड के निवासी सुरेंद्र पाल का कहना है कि निगम का रुपया क्यों बर्बाद किया जा रहा है। सड़क बनानी है तो पहले पानी की निकासी का प्रबंध होना चाहिए। सीवरेज सिस्टम जब खराब है तो सड़कें बनाने पर करोड़ों रुपए क्यों लगाए जा रहे हैं।

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