वाटर मीटर लगाने के लिए एक भी फैक्ट्री का नहीं आया आवेदन
वाटर मीटर लगाने के लिए इंडस्ट्री के पास सिर्फ 31 मार्च की डेडलाइन है लेकिन अभी तक किसी ने मीटर लगाने की अर्जी नहीं दी। इसकी वजह डिजिटल मीटर लगाने के आदेश हैं। बैटरी ऑनलाइन पावर सप्लाई से जुड़े मीटर कनेक्शन की कैपेसिटी के अनुसार कीमत 32 हजार से पांच लाख रुपए तक है।
लोकल बाडीज़ विभाग से पता चला कि डिजिटल मीटर का मतलब सिर्फ रीडिंग का पैनल डिजिटल होने से है। जबकि चलेंगे ये बगैर बिजली के पानी के फ्लो से ही। इनकी कीमत ग्यारह सौ रुपए से चार हजार रुपए तक है। शहर में पांच हजार के करीब छोटे-बड़े कारखाने हैं। इंडस्ट्री फेडरेशन के मेंबर राजिंदर सिंह कहते हैं पहले यह तो स्पष्ट हो कि मीटर कौन सा लगना है।
वहीं पंजाब इंडस्ट्री कौंसिल के राजन गुप्ता कहते हैं फोकल प्वाइंट की देखरेख जब निगम नहीं करता है तो कैसे यहां की फैक्ट्री मीटरिंग पाॅलिसी में शामिल हुई।