फिल्लौर में गांधी धाम की खराब हालत देख सांसद नाराज
68साल पहले 12 फरवरी 1948 को सतलुज किनारे जिस जगह राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की अस्थियां प्रवाहित करके गांधी धाम का निर्माण किया गया था, आज वह स्थान जर्जर हालत में है। फिल्लौर में राष्ट्रपिता की समाधि स्थल पर नमन करने पहुंचे सांसद चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि यह पंजाब के लोगों का सौभाग्य है कि राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की अस्थियां 68 साल पहले यहां विसर्जित की गई थीं लेकिन तो राज्य सरकार और ही केंद्र सरकार ने राष्ट्र पिता की याद में बनाए गांधी धाम के रखरखाव के लिए कोई कदम उठाया है।
चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि आज जब देश में असहिष्णुता कर बहस चल रही है और क्राइम बढ़ता जा रहा है तो ऐसे दौर में अहिंसा के पुजारी की शिक्षाओं को जीवन में शामिल करने की जरूरत है लेकिन केंद्र सरकार और पंजाब सरकार राष्ट्र पिता की राष्ट्र के प्रति योगदान को भूल गई हैं। उन्होंने कहा कि जब पंजाब में कांग्रेस सरकार थी तब गांधी धाम का रखरखाव बेहद अच्छे ढंग से हो रहा था लेकिन अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार बनते ही गांधी धाम की अनदेखी शुरू हाे गई। मौके पर पूर्व नगर कौंसल प्रधान नरेंद्र गोयल, पार्षद परमजीत भारती, वैभव शर्मा, विजय कुमार बिल्ला, बालक राम, लाला किशन लाल, अशोक बतरा, मुल्ख राज, विकास, अमरजीत कौर, परमजीत पम्मा, सुरजीत दुल्ले, गोगा ढिल्लों, देसराज मल्ली, राम प्रकाश, डॉ. सुरजीत, जोगिंदर सिंह, दर्शन सिंह सैहंबी, मक्खन सिंह नामधारी मौजूद थे।
सांसद संतोख चौधरी फिल्लौर में बापू गांधी की यादगार की बुरी हालत पर बिफरे। हालांकि प्रशासन ने उनके दौरे से पहले रंग रोगन कराया था।