3 फैक्ट्रियों पर पीएफ टीम का छापा, बिना रजिस्ट्रेशन काम करते 90 कर्मचारी पकड़े
पीएफविभाग की टीम ने शर्मा एक्सपोर्ट्स और चावला क्लासिक पर रेड की। लेदर कांप्लेक्स में 90 कर्मचारियों वाली थीरुबाला नामक फैक्ट्री भी पकड़ी जिसका पीएफ रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ है। इन सभी का रिकॉर्ड विभाग ने मंगवाया है। वहीं, दूसरी तरफ साढ़े पांच लाख रुपए बकाया जमा करवाने वाले मेसर्स बलदेव राज बीकेओ ईंट भट्ठा मालिक की गिरफ्तारी के लिए उनके घर न्यू जवाहर नगर में छापामारी की गई। साथ आई थाना छह की पुलिस ने संभावना जताई है कि मालिक घर के पिछले दरवाजे से भागने में सफल हो गया।
पीएफ सहायक कमिश्नर रिकवरी अफसर पवन बंसल ने बताया कि टीम पहले न्यू जवाहर नगर में बलदेव राज के घर छापामारी करने पहुंची। वह फरार हो गया। ईंट भट्ठा मालिक ने सितंबर 1994 से लेकर अगस्त 2011 तक का पीएफ नहीं जमा कराया था। संस्थान के खिलाफ देय राशि फरवरी 2015 में धारा 7-ए की प्रक्रिया के तहत निर्धारित की गई थी जोकि 5 लाख 54 हजार रुपए बनती है। नोटिस भेजे गए। फिर संस्थान के बैंक खातों से वसूली की कोशिश की लेकिन रिजल्ट नहीं आया। बलदेव राज को 2015 में कई बार अरेस्ट वारंट भी भेजे गए।
उसके बाद टीम ने स्पोर्ट्स एंड सर्जिकल कांप्लेक्स में शर्मा एक्सपोर्ट्स और चावला क्लासिक पर भी रेड की। रेड सहायक आयुक्त जय शंकर प्रसाद और पवन बंसल की अगवाई में 9 मेंबर्स की टीम ने की। इन रेड्स की इजाजत सेंट्रल एनालिसिस इंवेस्टिेगेशन यूनिट नई दिल्ली से ली गई थी। विभाग के शिकायत मिली थी कि ये लोग मजदूरों को पीएफ नहीं दे रहे हैं। रेड के दौरान शर्मा एक्सपोर्ट्स में कुल 99 कर्मचारियों को काम करते पाया गया जबकि पीएफ रजिस्टर पर एंट्री 73 की थी। चावला क्लासिक में 62 कर्मचारियों में से 20 का ही पीएफ रजिस्टर में नाम था। चावला क्लासिक ने तो अप्रैल-2015 से पीएफ ही नहीं जमा कराया। इनका हाजिरी रजिस्टर अन्य रिकॉर्ड जब्त कर लिया गया है। इसकी जांच के बाद कार्रवाई होगी। रेड में गुरदियाल सिंह, करनैल सिंह, रवि सिन्हा, मोहन सिंह, पंकज सरपाल, अरमान आलम और जगजीत सिंह उपस्थित थे।
आरोपियों को सीधा जेल भेजने का अधिकार | कर्मचारीभविष्य निधि एवं विविध अधिनियम, 1952 के नियमों के अंतर्गत धारा 8-बी की उप-धारा (बी) के तहत रिकवरी अफसर दोषी को गिरफ्तार कर सीधे सिविल जेल में भेजने का हक रखता है। इसके अलावा रिकवरी प्रक्रिया में रिकवरी अफसर को सिविल कोर्ट के बराबर अधिकार दिए गए हैं।
लेदर कांप्लेक्स में रेड मारकर थीरुबाला नामक फैक्ट्री पकड़ी जिसका पीएफ विभाग में कोई रजिस्ट्रेशन ही नहीं है जबकि वहां 90 कर्मचारी काम कर रहे हैं। सहायक कमिश्नर बांसल ने कहा कि इस फैक्ट्री का रजिस्ट्रेशन पीएफ विभाग खुद करेगा। न्यूनतम वेतन के हिसाब से इसके सभी कर्मचारियों की पीएफ की बनती राशि निकाली जाएगी। फैक्टरी से सारा रिकॉर्ड मांग लिया गया है।
लेदर कांप्लेक्स में बिना रजिस्ट्रेशन चल रही फैक्टरी भी पकड़ी, रिकॉर्ड जब्त किया