हरभेज, जगमोहन और हरदीप का नार्को एनालिसिस, ब्रेन मैपिंग लाइ डिटेक्टर टेस्ट करवाना चाहती है पुलिस
कारमें ब्लास्ट केस की जांच कर रही देहात पुलिस अब तीन आरोपियों हरभेज सिंह,जगमोहन सिंह और हरदीप सिंह का नार्को एनालिसिस, ब्रेन मैपिंग और लाइ डिटेक्टर टेस्ट करवाना चाहती है। इसके लिए देहात पुलिस ने अदालत में एप्लीकेशन दायर की है। इस पर सुनवाई बुधवार को होगी। यह टेस्ट तब संभव होगा जब आरोपी भी तैयार होंगे। इस बात की पुष्टि करते हुए एसपी (इन्वेस्टिगेशन) हरकंवलप्रीत सिंह खख ने कहा- हरभेज, जगमोहन और हरदीप की पूछताछ में अलग-अलग बातें सामने आई हैं। पुलिस को शक है कि ये ब्लास्ट को लेकर सब जानते हैं लेकिन पुलिस से झूठ बोल रहे हैं। इसलिए पुलिस इनके यह टेस्ट करवाना चाहती है।
हरभेजका करीबी साथी भाग चुका है बैंकॉक| 4दिसंबर को गांव डूगरी के पास कार में हुए ब्लास्ट में मोती नगर के अजय शर्मा की मौत हो गई थी। इस दौरान ड्राइविंग सीट पर बैठा जगमोहन जख्मी हुआ था। पुलिस ने अजय की प|ी पिंकी शर्मा की शिकायत पर मर्डर का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने हरदीप सिंह को अरेस्ट कर दावा किया था अजय, जगमोहन और खुद हरदीप ने मानव बम बनकर एक बम कांड को अंजाम देना था। पूछताछ में हरदीप ने माना था कि वे एक डेरे से जुड़े हुए हैं। जिसे वे धर्म गुरु मानते हैं उन्हें गद्दी देने की बजाए उनके छोटे भाई को गद्दी दी गई है। इस बात से वह खफा होकर धर्म गुरु को उड़ाना चाहते थे। वहीं 25 जनवरी को दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़े गए हरभेज सिंह ने कहा-धर्म गुरु से पहले उनके करीबी को उड़ाना था। केस में तीन और नाम सामने आए हैं। इनमें मेहंगा सिंह, पवित्र सिंह और र| सिंह है। इनकी तलाश में रेड चल रही है। बताया जा रहा है कि मेहंगा हरभेज का बेहद करीबी है और वह बैंकॉक जा चुका है।
हरभेज सिंह
सिरसाके जीवन नगर का हरभेज सिंह डेरे से जुड़ा है और वह डेरा संचालक का ड्राइवर है। हरभेज और फरार र| सिंह ने जगमोहन को तीन टिफिन बम दिए थे। हरभेज ने माना था कि धर्म गुरु से पहले उनके करीबी को टारगेट बनना था।
हरदीप सिंह
भुलत्थका किसान हरदीप सिंह धर्म गुरु को उड़ाने की साजिश में लिप्त रहा है। उसे ही जगमोहन ने तीन टिफिन बम दिए थे। इनमें एक फट चुका है। दो बेईं में फेंके थे। इनमें से एक पुलिस ने बरामद किया था।
जगमोहन सिंह
गदईपुरके जगमोहन सिंह पर तीन खून के केस दर्ज हुए थे, लेकिन वह बरी हो चुका है। कार में जब ब्लास्ट हुआ था तब वह ड्राइविंग कर रहा था। जगमोहन के साथ-साथ हरदीप और अजय ने मानव बम बनना था।