डीईटीसी की पोस्ट छह महीने से खाली, एसेसमेंट की अढ़ाई सौ अपीलें पेंडिंग
बीएमसीचौक टैक्सेशन दफ्तर में एसेसमेंट और टैक्स के डिमांड नोटिसों को लेकर व्यापारियों की अढ़ाई सौ अपीलें लटक गई हैं। इन्हें मंजूरी देने के बाद आगे की सुनवाई होनी है। ये सारा प्रोसीजर लटक गया है। वजह : डीईटीसी (अपील) का पद छह महीने से खाली है। यहां पीके शर्मा तैनात थे। जो रिटायर्ड हो गए।
टैक्स की रकम जमा कराने के नोटिस या फिर एसेसमेंट के आर्डर के खिलाफ व्यापारियों ने अपील करनी होती है। 10 लाख रुपए की रकम से ऊपर की अपील डीईटीसी सरोजनी गौतम शारदा सुनती हैं। इसके नीचे की रकम पर अपीलें सुनने के लिए अलग से डीईटीसी (अपील) होता है। एडवोकेट अमित बजाज बताते हैं कि जो अपीलें डीईटीसी शारदा के पास हैं, वो तो सुनी जा रही हैं लेकिन नीचे की रकम वाली अपीलों की सुनवाई ठप है। पीके शर्मा के रिटायर होने के बाद महीना दर महीना नई तैनाती की इंतजार करते चार-पांच महीने बीत गए हैं। अढ़ाई सौ के करीब अपीलों का काम लटका है। सारी दिक्कत चिट्ठी पर लिखकर टैक्सेशन को भेजी है।
जालंधर फेडरेशन आफ इंडस्ट्री एंड कामर्स के प्रधान गुरशरण सिंह कहते हैं : स्टेट कराधान कमिश्नर अनुराग वर्मा की जगह भी नई तैनाती नहीं हुई। इसलिए अब सारा मसला डिप्टी सीएम सुखबीर बादल तक पहुंचाएंगे। एक तो टैक्सेशन अफसर आए दिन व्यापारियों को नोटिस भेज रहे हैं। दूसरी तरफ अपीलें सुनने वाले अफसर का पद खाली है।
जालंधर ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के प्रधान आरके शर्मा ने कहा कि जल्द से जल्द अफसर की तैनाती होनी चाहिए। जितनी देरी होगी, उतने ही नए केस अटकते जाएंगे।
}अफसर तैनात करने के मसले पर कंप्लेंट भेजी
}टैक्सेशन को लेटर लिख समस्या बताई
} व्यापारी ये मसला डिप्टी सीएम के सामने रखेंगे