पौधों पर पेस्टीसाइड के असर पर होगी बात
लायलपुरखालसा कॉलेज में वीरवार और शुक्रवार पौधों पर कम पानी, ज्यादा पेस्टीसाइड और फंगस के कारण होने वाले प्रभावों पर बात होगी। दरअसल खालसा कॉलेज में इसी विषय पर रिसर्च कर रहे डॉ. गुरप्रीत सिंह यह कॉन्फ्रेंस करवा रहे हैं। कॉन्फ्रेंस में मुख्य वक्ता रहेंगे आइसर मोहाली के डायरेक्टर जनरल डॉ. पीएस आहूजा।
डॉ. आहूजा सेंटर ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च के डायरेक्टर रहे हैं। साथ ही उनको पालमपुर इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन बायो रिसोर्स ट्रेनिंग को इंटरनेशनल स्तर का इंस्टीट्यूट बनाने का भी श्रेय जाता है। पहले सेशन में वह बात करेंगे कि पौधों की ग्रोथ पर कम पानी, फंगस और पेस्टीसाइड का क्या असर होता है सेल के भीतर तक। ऐसे में भोजन की पौष्टिकता और गुणवत्ता पर क्या असर पड़ता है। वहीं वीरवार को दूसरे स्पीकर होंगे नेशनल इंस्टीट्यूट अॉफ प्लांट्स, नई दिल्ली से डॉ. जतिंदर गिरि। शुक्रवार को जीएनडीयू से डॉ. प्रभजीत सिंह और डॉ. कश्मीर सिंह पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से आएंगे।
यूजीसीविषय पर रिसर्च
डॉ.गुरप्रीत सिंह तीन साल से यूजीसी के इसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे फेज 1 के रिजल्ट जल्दी ही बाहर लेकर आएंगे। बकौल डॉ. गुरप्रीत सिंह मेरी रिसर्च प्लांट्स पर प्रभावों के बारे में है कि पेस्टीसाइड के छिड़काव से कीड़े-मकौड़े तो मर जाते हैं लेकिन कुछ कुछ प्रतिशत पत्तों के जरिए पौधों के सैल में चला जाता है। अंदर जाकर वह पौधौं के सैल्स, मॉलीक्यूल को कैसे प्रभावित करता है, इस पर रिसर्च है।