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संस्कृत सबसे वैज्ञानिक भाषा, इसे बढ़ावा देने की जरूरत

Jalandhar News - संस्कृतका एक वाक्य चाहे जिस दिशा से पढ़ लें उसका अर्थ नहीं बदलता। इसमें जो कहा जाता है वही सुनने वाले को समझ में आता...

Dainik Bhaskar

Aug 10, 2017, 04:05 AM IST
संस्कृत सबसे वैज्ञानिक भाषा, इसे बढ़ावा देने की जरूरत
संस्कृतका एक वाक्य चाहे जिस दिशा से पढ़ लें उसका अर्थ नहीं बदलता। इसमें जो कहा जाता है वही सुनने वाले को समझ में आता है। इसीलिए इसे सबसे वैज्ञानिक भाषा कहा गया है। दूसरी भाषाओं में एक वाक्य के कई मतलब निकाले जा सकते हैं।’ संस्कृत भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री जय प्रकाश ने दिल्ली की एक सब्जी मंडी में किए प्रयोग का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि सब्जी वाले को संस्कृत में सब्जी बेचने की सलाह दी। उसने ऐसा किया तो शाम को उसकी सेल ज्यादा निकली।

बुधवार को गुरु विरजानंद गुरुकुल महाविद्यालय करतारपुर में संस्कृत सप्ताह के समापन समारोह पर कार्यक्रम करवाया गया। इसमें 4 से 9 अगस्त तक संस्कृत सप्ताह के दौरान अलग-अलग मुकाबलों में विजेता रहे बच्चों को पुरस्कृत किया गया। गुरुकुल के प्रधान ध्रुव मित्तल ने बताया कि गुरुकुल में लगभग 200 बच्चों को निशुल्क संस्कृत की शिक्षा ग्रेजुएशन लेवल तक दी जाती है। इसमें सालाना लगभग 70 लाख खर्च आता है। 64 लाख दानी सज्जनों द्वारा दिया जाता है और 6 लाख सरकार द्वारा दिया जाता है। मौके पर एसडीएम 2 सुभाष चंद्र, डीएसपी सर्बजीत राय, एसबीआई के ब्रांच मैनेजर राहुल महाजन, नीरज, अमरीक सिंह, संस्कृत भारती के प्रांत संपर्क प्रमुख संजीव, दयानंद मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल मनमोहन शर्मा, एमजएसएम जनता स्कूल की प्रिंसिपल दीप्ति, गुरुकुल के अध्यापक और छात्र मौजूद रहे।

संस्कृत पंजाबी के विकास के लिए भी बेहद जरूरी : प्रिंसिपल डॉ. उदयन शर्मा

डॉ. उदयन शर्मा

प्रोग्राम में संस्कृत भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री जय प्रकाश मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए। जय प्रकाश ने बताया कि ‘देश के हर राज्य में तो संस्कृत सप्ताह मनाया ही जा रहा है लेकिन अमेरिका के 100 शहरों में भी इसका आयोजन किया गया है। इसी सप्ताह हमने दिल्ली में संस्कृत पर एक प्रयोग किया। सब्जी मंडी में जाकर दुकानदारों से हमारे कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि आप संस्कृत भाषा में अपनी सब्जी बेचोगे। सभी सब्जियों के संस्कृत नामों का इस्तेमाल करोगे। हम पूरा दिन सब्जी बेचने में आपकी सहायता करेंगे। दुकानदार ने सारा दिन संस्कृत में ही सब्जी बेची और शाम को सेल आम दिनों से ज्यादा थी। दुकानदार का कहना है कि वह संस्कृत में सब्जी बेचना जारी रखेंगे। हम भी शोध कर रहे हैं कि संस्कृत से दुकानदार की सेल कैसे बढ़ गई। कुछ लोग कहते हैं कि संस्कृत व्यवहार की भाषा नहीं है तो उन्हें इस उदाहरण को एक बार देख लेना चाहिए। संस्कृत बेहद आसान और स्पष्ट भाषा है। जरूरत है तो बस इसे जानने की।

गुरुकुल के प्रिंसिपल डॉ. उदयन आर्य ने बताया कि ‘मातृभाषा उसी को कहा जाता है जिस भाषा से दूसरी भाषाओं की उत्पत्ति होती है। मातृभाषा दूसरी भाषाओं, उप भाषाओं, बोलियों और उप बोलियों को जन्म देती है। देश में संस्कृत ही मातृभाषा है जिससे सारी भाषाओं की उत्पत्ति हुई है। पंजाब में भी संस्कृत सीखने की परंपरा रही है। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने भी अपने साहिबजादों को संस्कृत की शिक्षा दिलाई थी। संस्कृत पंजाबी के विकास के लिए भी बेहद जरूरी है। भाषा विज्ञानी अक्सर कहते हैं कि अगर आपको संस्कृत आती है तो आप श्री गुरु ग्रंथ साहिब में लिखी बाणी को आसानी से आत्मसात कर सकते हैं।

गुरुकुल के प्रधान ध्रुव मित्तल ने कहा कि गुरु विरजानंद गुरुकुल महाविद्यालय में करीब 200 बच्चों को संस्कृत की शिक्षा ग्रेजुएशन तक निशुल्क दी जाती है। -भास्कर

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