जलंधर। खांबड़ा चर्च के बाहर सोमवार रात स्कूटरी की चाबी निकालने को लेकर झगड़ा हुआ था। सर्किट हाउस में बुधवार रात हमले के आरोपी युवकों ने पुलिस, ईसाई समाज के नुमाइंदों और विधायक परगट सिंह के सामने माफी मांग ली। समाज ने उन्हें माफ कर दिया है। दो दिन से पुलिस जांच में मामला हमले से जुड़ा नहीं निकला। विधायक परगट, फादर पीटर, एडीसीपी सिटी-2 अमरीक सिंह पवार, हरप्रीत सिंह मंडेर के सामने माफी मांगते हुए युवकों ने पूरी कहानी सुनाई। युवकों ने माना कि उसका एक दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड के साथ स्कूटरी पर चर्च के पास खड़ा था। कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया और स्कूटरी की चाबी निकाल ली। युवक ने कहा कि- वह डर गया था। इसलिए फोन कर दो कारों और बाइक पर अपने साथी बुलाए थे। युवकों ने चर्च के सेवादारों से मारपीट की थी। इस बीच पास्टर नरूला की गाड़ी गई थी। हमलावर युवक वहां से भाग निकले थे।
विधायक परगट ने माना कि बच्चों की लड़ाई थी। मामूली कहासुनी के बाद उनसे झगड़ा हो गया था। बच्चों ने गलती मान कर माफी मांग ली है। उधर, फादर पीटर ने कहा-जांच में सारा मामला साफ हो गया है। बच्चों की लड़ाई हुई थी और इस बीच पास्टर अंकुर नरूला की गाड़ी गई थी। सेवादार समझे कि - पास्टर पर हमला करने आए हैं। बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें माफ कर दिया गया है।
गौर हो कि सोमवार रात खांबड़ा चर्च के बाहर पास्टर अंकुर नरूला पर हमले की सूचना के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस ने धारा-307 के तहत केस दर्ज किया था।
स्कूटरी की चाबी निकालने को लेकर झगड़ा हुआ था
पास्टर अंकुर नरूला पर नहीं हुआ था हमला : फादर पीटर