हैनरी के दो अवतार
केस में अतिरिक्त धाराएं जोड़ने की एप्लीकेशन खारिज
राज्यके पूर्व कैबिनेट मंत्री अवतार हैनरी पर चल रहे जनप्रतिनिधित्व कानून के उल्लंघन के केस में अतिरिक्त धाराएं जोड़ने को लेकर दायर की गई एप्लीकेशन अदालत ने खारिज कर दी। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी। प्रॉसीक्यूशन के एडवोकेट हरदयाल इंदर सिंह ग्रेवाल ने केस में आईपीसी की धारा-181, 182, 420, 467, 468, 471, पासपोर्ट एक्ट की धारा 12, 12ए और ऑफिशियल सीक्रेसी एक्ट लगाने के लिए एप्लीकेशन दायर की थी। एडवोकेट ने दलील दी थी कि हैनरी के खिलाफ चल रहे केस में कमजोर धारा लगाई गई हैं।
बचाव पक्ष के एडवोकेट वीके सरीन ने दलील दी कि प्रॉसीक्यूशन पहले यह तो साबित करे कि उनके क्लांइट ने कब भारतीय नागरिकता छोड़ी थी। उन्होंने कहा कि इस एप्लीकेशन को खारिज किया जाए क्योंकि उनके क्लाइंट के खिलाफ कोई सबूत नहीं पेश किए जा रहे। कोर्ट ने एडवोकेट सरीन की दलील से सहमत होते हुए अतिरिक्त धाराएं केस में जोड़ने की एप्लीकेशन खारिज कर दी। अवतार हैनरी पर जन प्रतिनिधत्व कानून का उल्लंघन करने का ही ट्रायल चलेगा।
वहीं प्रॉसीक्यूशन के एडवोकेट ग्रेवाल ने कहा कि एप्लीकेशन खारिज करने के फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे। गौरतलब है कि यह मामला पूर्व कैबिनेट मंत्री अवतार सिंह हैनरी के बेटे गुरजीत संघेड़ा ने करीब छह साल पहले उजागर किया था।