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पूर्व अकाली मंत्री सेखवां और आईजी आंगरा सहित 21 लोगों को कोर्ट में पेश होने के आदेश

4 वर्ष पहले
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गुरदासपुर. हलका काहनूवान से संबंधित पूर्व अकाली नेता पर मौजूदा भाजपा नेता द्वारा 9 साल पहले अदालत में किए गए इरादा कत्ल के मामले में माननीय अदालत द्वारा पूर्व अकाली नेता, पंजाब पुलिस के मौजूदा आईजी सहित 21 लोगों को अदालत में पेश होने आदेश जारी किए हैं। जारी हुए आदेशों से भाजपा नेता का कहना है कि अदालत में उन्हें इंसाफ मिलने की पूरी उम्मीद है। एडीशनल सेशन जज राम कुमार ने जथे. सेवा सिंह सेखवां, लोकनाथ आंगरा समेत 21 दूसरों को 5 अगस्त के लिए तलब कर लिया है। साथ ही निचली अदालत का रिकार्ड भी तलब कर लिया है। 
 
भाजपा नेता यादविंदर सिंह बुट्टर ने बताया कि 2008 में वह अकाली दल की वर्किंग कमेटी के सदस्य थे। उन्होंने बताया कि एक रैली के दौरान सेवा सिंह सेखवां ने सठियाली पुल पर कंवलप्रीत सिंह, कुलविंदर सिंह, करतार सिंह, मलूक सिंह, अजीत सिंह राणा और अनेक समर्थकों को भड़का कर उस पर जानलेवा हमला करने के लिए भेजा था। उक्त युवकों ने पुलिस की उपस्थिति में उन पर गोलियां चलाईं और तेजधार हथियारों से हमला किया। वह वहां से बच निकले और तुरंत काहनूवान पुलिस को लिखित शिकायत की। 
 
पुलिस ने असली आरोपियों पर मामला दर्ज करने की बजाए अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कर दिया। उन्होंने खुद उस समय के एसएसपी लोक नाथ आंगरा को मिल कर असली आरोपियों पर मामला दर्ज करने की मांग की। परन्तु फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में उसने अदालत और मानवाधिकार कमीशन चंडीगढ़ के पास अपील की। कमीशन के फुल बैंच ने एडीजीपी (क्राइम) के पास से इस मामले के असली तथ्यों की पड़ताल करवाई। पुलिस ने 4 दोषियों को नामजद करने के अलावा धाराओं में वृद्धि कर दी। लेकिन फिर सेखवां, आंगरा कई अन्य को नामजद नहीं किया। इसके बाद उन्होंने अदालत में 24 व्यक्तियों पर केस दायर कर दिया। 
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