फरीदकोट । बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी ने रविवार को सेहत विभाग में 350 मेडिकल अफसरों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा ली। परीक्षा में 1083 एमबीबीएस डॉक्टर बैठे। शाम को यूनिवर्सिटी ने नतीजा भी निकाल दिया।
राज्य सरकार ने इंटरव्यू सिस्टम को बंद करते हुए मेडिकल अफसरों के पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया। इस परीक्षा के आधार पर ही डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। पिछले सालों के दौरान राज्य में डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया का काम पंजाब पब्लिक सर्विसिज कमीशन के हाथ में रहा है।
इस बार सरकार ने एक अधिसूचना के माध्यम से यह काम बाबा फरीद यूनिवर्सिटी को सौंपा था। इसके लिए वाइस चांसलर को निजी जिम्मेवारी दी गई थी। इन पदों में इंटरव्यू के प्रावधान की वजह से कई तरह की बेनियमी होने की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने सिर्फ लिखित परीक्षा के आधार पर ही नियुक्ति करने का फैसला किया।
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर ने बताया कि इन पदों के लिए कुल 1164 उम्मीदवारों ने आवेदन दिया था। इनमें से 1083 डॉक्टर परीक्षा में शामिल हुए। मालूम हो कि राज्य सरकार की तरफ से चयनित हुए इन मेडिकल अफसरों को दो साल के प्रोबेशन पीरियड के दौरान फिक्स रूप से प्रतिमाह 15600 रुपए अदा किए जाएंगे। उसके बाद उनकी सेवाओं को स्थाई किया जाएगा। हालांकि यह वेतन काफी कम है लेकिन 6 सालों की सर्विस के बाद पीजी कोर्स के लिए मिलने वाले 60 प्रतिशत आरक्षण के चलते यह डॉक्टर दो सालों के लिए कम वेतन पर काम करने को तैयार हुए हैं।