जालंधर/लुधियाना. शराब के नशे में नीली बत्ती लगी कार से एक के बाद एक पांच लोगों को टक्कर मारने वाले ईटीओ को 22 घंटे बाद थाने से जमानत मिल गई। गढ़ा रोड पर वीरवार रात ईटीओ बलजिंदर सिंह सिद्धू को पुलिस ने अरेस्ट किया था। अर्बन एस्टेट फेज वन के रहने वाले सिद्धू की जमानत वार्ड 33 की कांग्रेस पार्षद नीरजा जैन के पति अरुण जैन ने दी है। जमानत मिलने के बाद सिद्धू ने मीडिया से बात नहीं की और कार में बैठकर चले गए। जख्मी असलम से दिन में सिद्धू के रिश्तेदारों ने मुलाकात की। सिद्धू के कुछ दोस्त राजीनामा करवाना चाहते हैं। थाना सात के एसएचओ बलविंदर सिंह विर्क का कहना है कि जांच पूरी कर जल्द अदालत में चालान पेश करेंगे। वीरवार रात ईटीओ ने एक के बाद एक पांच लोगों को टक्कर मार दी थी, जिसमें एक गंभीर जख्मी और चार मामूली जख्मी हुए थे।
नीली बत्ती नहीं लगा सकता ईटीओ|भारत में सेंट्रल मोटर ह्वीकल्स रूल्स 1989 के नियम 108 (3) के अनुसार नीली बत्ती केवल एम्बुलेंस और पुलिस की गाड़ियां ही लगा सकती हैं। इनकम टैक्स कमिश्नर, रेवेन्यू कमिश्नर, डीसी औऱ पुलिस अधीक्षक पीली बत्ती लगा सकते हैं।
रिक्शा को टक्कर मारी, दिया एक हजार रुपए हर्जाना
रात : 9 बजे: गढ़ा रोड पर छोटी बारादरी के पास वीरवार रात करीब नौ बजे नशे में टल्ली सिद्धू ने रिक्शा को टक्कर मार दी। लोग जमा हो गए। नीली बत्ती देख कर रिक्शा वाला कुछ नहीं बोला। रिक्शा टूट गई थी। ईटीओ ने राजीनामा करते हुए मौके पर एक हजार रुपए दे दिए। रिक्शा वाला चला गया। रिक्शा वाले और सवारी को मामूली चोट लगी थी।
रात : 9 :30: सिद्धू ठीक तरीके से खड़े नहीं हो पा रहे थे। कार लेकर वहां से तेजी से निकले। गढ़ा रोड पर एसजीएल अस्पताल के पास उसने एक्टिवा सवार को टक्कर मारी। एक्टिवा सवार परमिंदर सिंह को चोट लगी। कार ने थोड़ी दूरी पर ही पैदल जा रहे असलम और उसके चाचा गुलाम मुस्तफा को टक्कर मार दी। असलम को ज्यादा चोट लगी तो मुस्तफा को मामूली। गुलाम ने बताया कि वह मूल रूप से
कोलकाता के रहने वाले हैं और यहां कढ़ाई का काम करते हैं। रात को वह भतीजे के साथ राशन लेकर जा रहे थे कि तेजी से आई कार ने टक्कर मार दी। एक पल तो ऐसा लगा कि उनका भतीजा तो बचेगा नहीं।
पत्नी ने बेटी से बात नहीं करवाई तो पी ली थी शराब
पुलिस जब सिद्धू को रात को सिविल अस्पताल लेकर पहुंची तो वह पुलिस को दबके मार रहे थे, लेकिन सुबह नशा उतरा तो शांत थे। जांच में भी सहयोग नहीं कर रहे थे। थाना सात में उनसे मिलने उनकी बहन और फैमिली आई। दोपहर को सिद्धू ने कहा कि वह फगवाड़ा में तैनात है, लेकिन कुछ दिन से लीव पर है। कारण पूछा तो बोले नहीं, लेकिन एएसआई जैल सिंह बोले कि फैमिली प्रॉब्लम है। पहले तो चुप रहे, लेकिन फिर सिद्धू बोले कि पत्नी और बेटी उसके साथ नहीं रहती। कारण पूछा तो बोले हर घर में झगड़ा होता है। यह तो नहीं कि वह घर ही न आएं। इसलिए परेशान हूं। वीरवार देर शाम पत्नी को फोन किया। बात हुई, लेकिन वह घर आने को तैयार नहीं थी। फोन पर उल्टा-सीधा बोलने लगी। मैंने पत्नी से कहा कि बेटी से बात करवा दो। उसकी आवाज सुना दो लेकिन पत्नी ने फोन काट दिया। इसके बाद वह कार से शहर आ गए। इतना जरूर याद है कि कपूरथला चौक से फुटबाल चौक के बीच ठेके से शराब ली। गढ़ा रोड पर टक्कर की बात याद है, लेकिन फिर क्या हुआ याद नहीं। सुबह होश आया तो थाने में था। ईटीओ से पूछा कि आखिर यह हादसा कैसे हो गया तो उसने कहा कि पता नहीं।
17 एल्कोमीटर में से 12 खराब, 11 महीने में 829 चालान
शहर में ड्रंक एंड ड्राइव रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने चाहे 11 महीने में 829 चालान काटे, लेकिन 17 में से 12 एल्कोमीटर खराब हो चुके हैं। ट्रैफिक पुलिस महज पांच से ही अपना काम चला रही है। एडीसीपी बलजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि रात के समय ट्रैफिक पुलिस की विशेष टीम ड्रंक एंड ड्राइव रोकने के लिए चेकिंग करती है। ट्रैफिक विंग ने पूरे पंजाब में 11 महीने में 829 चालान काटे हैं। अभी एक महीना बाकी है।
बलजिंदर पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे : ईटीसी
बलजिंदर सिंह एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट से अगस्त से एब्सेंट है, क्योंकि उसने कुछ माह पहले इस्तीफ़ा दिया था। डिपार्टमेंट इन्क्वारी पेंडिंग होने के चलते इस्तीफ़ा नामंजूर कर कारण बताओ नोटिस दिया था, जो उसने रिसीव नहीं किया। इस्तीफा देने से पहले बलजिंदर कपूरथला डिस्ट्रिक्ट में पोस्टेड था। उसने गैर कानूनी ढंग से प्राइवेट गाड़ी पर बत्ती लगा रखी है। एक्साइज एंड टैक्सेशन के लुधियाना दफ्तर में एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (ईटीसी) अनुराग वर्मा ने बताया कि बलजिंदर को इंस्पेक्टर से ईटीओ इस शर्त पर बनाया था कि वह डिपार्टमेंट का ईटीओ का एग्जाम क्लियर करेगा, जो उसने ईटीओ बनने के दो साल बाद भी नहीं किया। डिपार्टमेंट ने उसे डिमोट कर दोबारा इंस्पेक्टर बनाने का फैसला लिया था। उसने डिपार्टमेंट पर केस कर दिया था और अगस्त से ड्यूटी से गैरहाजिर था। बलजिंदर डिपार्टमेंट में आने की बजाय कारोबार कर रहा है। बलजिंदर पर एक्शन के सवाल पर ईटीसी ने कहा कि डिपार्टमेंटल फाइल और वीरवार को हुई पुलिस एफआईआर की कॉपी देख कर सोमवार तक बलजिंदर पर सख्त से सख्त कारवाई की जाएगी और अगर डिपार्टमेंट के रूल्स के अनुसार उसे डिसमिस किया जा सकता है तो जरूर करेंगे।