(चिड़ी ने कहा कि वह डर गया था, इसीलिए कहीं छिप गया था।)
जालंधर। अली मोहल्ला के अर्जुन मर्डर केस में फरार मुख्य आरोपी अकाली नेता सुखदेव कल्याण उर्फ चिड़ी और उसके भतीजे सूरज ने शाम को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने चिड़ी और सिकंदर को पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। चिड़ी को क्लीनचिट देने को लेकर अर्जुन के पिता दौलत राम हाईकोर्ट पहुंच गए थे और हाईकोर्ट ने 10 फरवरी तक पुलिस को टाइम दिया था कि पुलिस चिड़ी और उसका भतीजा पकड़े।
एसएचओ जीवन सिंह का कहना है कि शाम को दोनों आरोपी अदालत में सरेंडर कर गए थे। दोनों को पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। एसएचओ ने कहा कि केस में इससे पहले चिड़ी का बेटा शिव और भतीजा सिकंदर पकड़े जा चुके हैं। वह जेल में बंद हैं। वहीं प्रेस वार्ता में जब चिड़ी को मीडिया के सामने पेश किया तो वह कहने लगा कि मैंने कोई मर्डर नहीं किया। एक साजिश के तहत झूठा केस दर्ज करवाया गया था। उसे जान से मारने के लिए 200 से ज्यादा संदिग्ध लोग उसके पीछे लगे हैं। इसलिए वह डर कर रह रहा था।
चिड़ी बोला कि इसी कारण वह कोर्ट में सरेंडर करने आया है। हालांकि चिड़ी ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन बोला सब जानते हैं कि इस साजिश के पीछे कौन है। 17 जून, 2014 को अली मोहल्ला के अर्जुन का मर्डर कर दिया गया था। आरोप लगा कि यह मर्डर चिड़ी ने अपने बेटे और दो भतीजों के साथ मिलकर किया है।
बेटा-भतीजा है जेल में
पुलिस ने इनके खिलाफ मर्डर का केस दर्ज कर चिड़ी के बेटे शिव और भतीजे सिकंदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन चिड़ी और सूरज फरार चले आ रहे थे। अर्जुन के पिता दौलत राम पुलिस पर यह आरोप लगा कर हाईकोर्ट चले गए थे कि पुलिस राजनीतिक दबाव में चिड़ी को क्लीनचिट देने जा रही है।