जालंधर . स्टडी वीजा हासिल करने की शर्त है कि आपके अकाउंट में कम से कम दस लाख रुपए हों। एक निजी बैंक के तीन मैनेजर ऐसे थे जो 25 हजार रिश्वत देकर ऐसे लोगों को भी दस लाख का बैंक स्टेटमेंट दे देते थे, जिनके खाते में हजार-दस हजार होते थे।
विदेश जाने के चाहवान युवाओं को ‘लखपति’ बनाने वाले तीन मैनेजर जांच के घेरे में आ गए हैं। पुलिस को सबूत का इंतजार है। ये मैनेजर फर्जी बैंक स्टेटमेंट, लोन लेटर और एफडीआर स्टेटमेंट बनाकर देते थे।
इन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट और इनकम टैक्स ने एक्सप्रेस स्टूडेंट एजुकेशन सर्विस का रिकॉर्ड भी खंगाला है। एजेंसी मालिक गुरिंदर सिंह भट्टी की गिरफ्तारी के समय बारह लाख रुपए भी मिले थे। इसके अलावा पिरामिड ई सर्विस, ईजी वे इमीग्रेशन, एमके इंटरप्राइजेज इमीग्रेशन सर्विस, स्कॉलर डेस्टिनी और विदेश यात्रा डॉट कॉम के बारे में भी रिकॉर्ड मांगा गया है।
इस बीच यह भी पता चला है कि एजेंटों को छुड़वाने के लिए राजनीतिक दबाव भी बनाया जा रहा था। पुलिस सूत्र बताते हैं कि कुछ फोन आए थे, लेकिन सच्चाई पता चला तो सब शांत हो गए।
काहलों समेत तीन की तलाश में छापेमारी
नरिंदर सिनेमा के पास स्थित विदेश यात्रा डॉट कॉम के मालिक नितिन पाल सिंह काहलों की तलाश में शनिवार को चंडीगढ़ और मोहाली में छापेमारी की गई। यह भी पता चला है कि करीब दो साल पहले रूबी, विकास और काला काम छोड़ चुके थे। जिस दिन छापेमारी की गई, वहां नया स्टाफ था। परंतु दस्तावेजों के अनुसार फर्जीवाड़े में पुराने कर्मचारी शामिल थे, इसीलिए उन तीनों की तलाश की जा रही है। एडीसीपी दिलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि काहलों का मोबाइल बंद है। उसे जल्द पकड़ने के प्रयास हो रहे हैं।
पुलिस की जांच में तीन प्राइवेट से जुड़े बैंक मैनेजर पद पर कार्यरत लोगों के नाम आ रहे है और जल्द उनके खिलाफ
सबूत जुटा कर उन्हें हिरासत में लिया जाएगा
दिलजिंदर ढिल्लों, एडीसीपी (स्पेशल ब्रांच)