बठिंडा. बठिंडा में लोकसभा चुनाव से पहले वोट बैंक मजबूत करने के लिए आटा-दाल योजना में ही गोलमाल कर दिया गया है। बठिंडा हलके की सांसद सीएम बादल की बहू हरसिमरत कौर बादल हैं। अब केंद्र सरकार में फूड प्रोसेसिंग मिनिस्टर।
हैरानी है कि हलके के मौड़ क्षेत्र में आटा-दाल योजना के 8264 ऐसे कार्ड जारी कर दिए गए। जिन पर न तो फूड विभाग की वेरिफिकेशन मोहर है व न ही जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर के साइन। इसे अफसरों की लापरवाही कहें या वोट बैंक का सवाल। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक 10 दिन पहले ये कार्ड जारी किए गए। बाद में इन्हीं कार्डों पर 4 महीने का एक करोड़ का अनाज जारी कर दिया। अब सितंबर में फिर से इन्हीं कार्डों पर 6 महीने का राशन देने की मंजूरी विभाग ने दे दी है। कानून के मुतािबक बिना साइन, मुहर के ये कार्ड फर्जी हैं।
30 को आचार संहित लगी, 10 दिन पहले कार्ड बांटे
30 अप्रैल को हुए चुनाव की आचार संहिता 5 मार्च को लगी थी। 10 दिन पहले 24 फरवरी को मौड़ हलके में िबना साइन और मुहर के 8264 कार्ड जारी किए गए। इनमें से मौड़ मंडी में 5409, कोटफत्ता में 1530 और माइसरखाना में 1323 कार्ड जारी किए गए। इसके बाद इन पर मार्च में 5970 क्विंटल अनाज भी लोगों को बांट दिया गया।
लोगों के राशन कार्ड भी डिपो होल्डरों की कस्टडी में
मौड़ मंडी में ही 15 वार्डों में 2364 कार्ड ऐसे जारी हुए, जिन पर साइन नहीं थे। इनमें वार्ड नंबर 1 में 165, दो में 148, तीन में 99, चार में 127, पांच में 109, पांच में 39, छह में 46, सात में 45, आठ में 273, नौ में 187, 10 में 186, 11 में 183, 12 में 181, 13 में 365, 14 में 231 कार्ड जारी किए गए। यही नहीं लोगों के राशन कार्ड भी डिपो होल्डर की कस्टडी में हैं।
मुझे पता नहीं, मामले की जांच करवाएंगे : कंट्रोलर
बठिंडा के फूड सप्लाई कंट्रोलर प्रवीन विज के मुतािबक, ये कार्ड ऑनलाइन वेरिफिकेशन से भरे गए हैं, इसलिए साइन की जरूरत नहीं। मैनुअल बने कार्डों के बारे उन्होंने कहा, जांच करवाएंगे। राशन बंटने के सवाल पर बोले, मुझे इसकी जानकारी नहीं।
मामले की जांच, अफसरों पर एक्शन हो : जाखड़
कांग्रेसी नेता सुनील जाखड़ ने कहा, गरीबों को पॉलीटिकल टूल की तरह बादल सरकार इस्तेमाल करती है। मौड़ में जो कार्ड बिना तस्दीक किए बांटे गए हैं, इनकी जांच होनी चाहिए। ऐसा करने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
- सुनील जाखड़, कांग्रेस विधायक दल के नेता
मौड़ में बांटे गए बिना साइन, मुहर के नीले कार्ड। अंदर पन्ने पर सिर्फ डिपो की स्टांप है।