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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जाटों को ओबीसी के तहत आरक्षण देने की मांग की है क्योंकि जमीनों की कमी पडऩे के कारण जाट बड़ी संख्या में गरीबी रेखा के नीचे आ गए हैं। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे राज्य जाट समाज को आरक्षण दे चुके हैं जबकि ये आरक्षण राष्ट्रीय स्तर पर दिया जाए।
वह ऑल इंडिया जाट महासभा का सर्वसम्मति से प्रधान चुने जाने के बाद डेलिगेट्स को संबोधित कर रहे थे। ऑल इंडिया
जाट महासभा की गत दिवस शिमला में हुई बैठक में उन्हें प्रधान चुना गया। बैठक में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और उत्तराखंड से डेलिगेट्स शामिल हुए।
कैप्टन ने कहा कि महासभा के साथ 30 साल पहले 1980 में बतौर पैटर्न जुड़े थे, जब कैप्टन भगवान सिंह इसके प्रधान थे। उन्होंने कहा कि जाट महासभा सिर्फ उनके लिए आरक्षण की मांग करती है, जिनको इसकी जरूरत है। पंजाब की मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि समाज के पढ़े लिखे युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही हैं।
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