मलोट/गिदड़बाहा. बारिश से बर्बाद हुई फसलों का जायजा लेने पहुंचे सीएम प्रकाश सिंह बादल ने सूबे में सेम की समस्या पर काबू पाने के लिए सेम से प्रभावित जिलों में जल निकासी के चल रहे प्रोजेेेक्ट का नवीकरण करने के आदेश दिए।
बादल ने सेम नालों को और भी चौड़ाकर व साथ लगती पटरियों को मजबूत करने का आदेश दिया। सीएम ने कहा कि इस प्राेजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। रविवार को मुख्यमंत्री ने मलोट व गिदड़बाहा हलकों में बारिश से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। सीएम बादल ने कहा की ड्रेन सिस्टम के नवीकरण के बाद ही ज्यादा पानी की निकासी होगी। सेम पर काबू पाने के लिए पंजाब सरकार के मास्टर प्लान में यह बात रखी गई है। यह प्लान जल्दी ही लागू किया जाएगा। इसके बाद पानी की निकासी में लगने वाले समय 14 से 21 दिन के समय की जगह 7 दिन ही लगेंगे। जिसके बाद सेम की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
फसलों के नुकसान का वित्त कमिश्नर माल खुद लेंगे जायजा
मुख्यमंत्री ने वित्त कमिश्नर माल एनएस कंग से इस प्रकिया को निजी तौर पर देखने केेे आदेश दिए। बादल ने कहा, माल विभाग यह बात यकीनी बनाए की जिन लोगों की फसलों का नुकसान हुआ है उनकी फसलों की सही ढंग से गिदावरी हो व इन लोगों को बनता मुआवजा मिले। मुख्यमंत्री ने सेम को लेकर लोगों को रही परेशानी पर दुख जताते हुए कहा की सेम से प्रभावित जिलों के लिए अलग से चीफ इंजीनियर बाढ़ की तैनाती होगी।
बादल ने कहा कि गांव के हर निवासी की राय के बाद ही पंजाब सरकार एक महीने बाद काम शुरू करेगी। बताया कि पंजाब सरकार के बड़े अधिकारी हर गांव का दौरा कर नुकसान का जायजा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आज गांव मलोट, ईना खेडा, तरखान वाला, लखमीरेवाला, उडांग, बांम, महांबदर, भागसर, भूदड, लुंडेवाला, बबानीया, हुरूनर आदि गांवों का दौरा किया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की समस्याएं सुनते सीएम प्रकाश सिंह बादल।