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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. पंजाब व हरियाणा में नेशनल हाईवे से सटे शराब के सभी ठेके हटेंगे। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 31 मार्च 2014 तक का समय देते हुए कहा है कि पंजाब व हरियाणा सरकार अपनी एक्साइज पॉलिसी तैयार कर मामले की अगली सुनवाई से पहले इसे अदालत में पेश करें। चीफ जस्टिस संजय किशन कौल व जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने 18 मार्च के लिए मामले पर अगली सुनवाई तय की है। हरियाणा सरकार को एक्साइज पॉलिसी पर हाईकोर्ट ने बुधवार को कड़ी फटकार लगाई।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल व जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने कहा कि हाईवे पर सड़क दुर्घटनाओं में लोग मर रहे हैं और सरकार को 945 करोड़ के राजस्व की चिंता है। खंडपीठ ने दो टूक शब्दों में कहा कि 31 मार्च 2014 तक इन शराब ठेकों को हटाने की व्यवस्था कर ली जाए। हरियाणा सरकार की तरफ से अदालत में कहा गया कि सरकार ने दो साल के लिए शराब ठेके अलॉट किए हैं। इनकी समय अवधि 31 मार्च 2015 को पूरी होगी। इन ठेकों से सरकार को 945.45 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। राज्य में कुल 3499 शराब के ठेके हैं। इनमें से 651 ठेके हाईवे के साथ सटे हैं। इन ठेकों को हटाने या जगह बदलने पर सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होगा।
ध्यान भटकाती है लाइट
हाईवे से सटे सभी शराब के ठेके हटाए जाने को लेकर चंडीगढ़ की एक स्वयंसेवी संस्था अराइव सेफ सोसायटी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया कि शराब के ठेकों के बाहर आकर्षित करने वाली डेकोरेटिव लाइट हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों का ध्यान बांटती हैं। ऐसे में यह सड़क दुर्घटना का एक बड़ा कारण बनती हैं। इसके अलावा हाईवे से सटे होने के कारण वाहन जब इन ठेकों से हाईवे पर पहुंचते हैं तो तेज रफ्तार वाहनों के लिए परेशानी का सबब बनते हैं।
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