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एक महीने में मनोज ढूंढो, नहीं तो दूसरी एजेंसी करेगी जांच : कोर्ट

7 वर्ष पहले
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बठिंडा. फरीदकोट से 25 मई से लापता हुए मनोज कपूर के मामले में हाईकोर्ट ने फरीदकोट एसएसपी को एक महीने में ढूंढने के निर्देश दिए हैं। अगर पुलिस नहीं ढूंढ पाई तो जांच किसी दूसर एजेंसी काे सौंप देंगे। यह निर्देश हाईकोर्ट के जज परमजीत सिंह की अदालत ने दिए।

फरीदकोट के एसएसपी सुखदेव सिंह काहलों सोमवार को हाईकोर्ट में मनोज कपूर के केस में पेश हुए थे और उन्होंने इसमें अब तक की पुलिस कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट पेश की थी। एसएसपी ने अदालत में आश्वासन दिया कि 1 महीने के अंदर युवक को ढूंढने की कोशिश करेंगे। मामले की सुनवाई 27 अक्टूबर 2014 को होगी। मनोज कपूर की बहन नीतू कपूर ने अपने गुमशुदा भाई का कुछ पता न लगने पर 8 जुलाई को हाईकोर्ट में रिट दायर की थी।
कमेटी ने सौंपे 27 केस
लापता मनोज की बहन नीतू कपूर ने बताया कि लापता लोगों को ढूंढने के लिए शुरू किए संघर्ष में बनाई एक्सशन कमेटी ने पुलिस को ऐसे 27 केस सौंपें हैं, जो उनके पास आए थे। मगर लापता लोग इससे कहीं ज्यादा हैं जो अब धीरे-धीरे उनके संपर्क में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस इन केसों में खानापूर्ति कर रही है, जांच किसी मामले की नहीं हो रही। यही कारण है कि उसके भाई को पुलिस अभी तक नहीं ढूंढ पाई है। एक्शन कमेटी के सदस्य गुरदित्त सिंह ने बताया कि जिन 16 लोगों को ट्रेस करने की बात कर रही है वह भी सही नहीं है। अभी बहुत से लोग हैं जो लापता है और उनका कुछ पता नहीं चल रहा।