जालंधर. प्रेम नगर के शंकर की शनिवार रात अमृतसर से जालंधर आ रही ट्रेन की टक्कर से मौत हो गई। सुबह जब उसके चाचा के घर लोग अफसोस करने पहुंचे, तो उन पर दीवार गिर गई। पांच लोग जख्मी हो गए।
जीआरपी के एएसआई सुरिंदर सिंह ने बताया कि 25 वर्षीय शंकर शनिवार शाम घर से दोस्तों से मिलने और जगतपुरा में चाचा प्रमेश के घर जाने की बात कहकर गया। जब देर रात तक वह नहीं लौटा तो परेशान दादा मनीराम ने सोचा कि चाचा के घर रुक गया होगा। सुबह जब चाचा के घर गए तो पता चला कि वह तो रात को ही प्रेमनगर के लिए निकल गया था। इकहरी पुली के पास एक्सीडेंट की सूचना मिली। दादा और चाचा जीआरपी थाने पहुंचे तो पता चला कि मरने वाला शंकर ही था। दादा ने बताया कि बचपन से ही शंकर मेरे पास रह रहा है। शंकर की मैरिज भी दादा ने ही करवाई थी। छह माह से पत्नी मायके रह रही थी। दोनों के बीच कोई झगड़ा नहीं था। दादा और चाचा कबाड़ का काम करते हैं। जीआरपी ने धारा 174 की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम कर शव घर वालों को सौंप दिया है।
15 फुट ऊंची दीवार के नीचे दबकर पांच जख्मी
मौत का पता चलने पर लोग जगतपुरा मोहल्ले में चाचा के घर इकट्ठे हो गए। जगह कम थी तो पास ही लकड़ी गोदाम में बैठने के लिए कहा। सुबह साढ़े छह बजे सब बैठे हुए थे। अचानक 15 फीट ऊंची दीवार गिर गई। घायलों में जगतपुरा के रहने वाले रामू, चंदर मोहन, रवि, भोला राम और बबलू सिविल अस्पताल भर्ती हैं।