चंडीगढ़. दिल्ली की कंपनी ने व्यापार बढ़ाने के लिए वित्तीय मदद के नाम पर पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज को 14 करोड़ रुपए की चपत लगा दी।
पंजाब एग्रो इंस्ट्रीज के अफसरों की मिलीभगत व लापरवाही के चलते करीब आठ साल तक फूड कॉपरेरेशन को घोटाले का पता ही नहीं चल पाया। अब पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की सिफारिश पर संबंधित कंपनी के छह अफसरों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
क्या है मामला
2 अप्रैल 2004 को रिलायंस पॉलीक्रीट कंपनी के मालिक एसके जैन ने अपना व्यापार बढ़ाने के लिए पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज से 22 करोड़ रुपए लोन लेने के लिए अप्लाई किया। उसने 3 मई 2006 को अपनी जमीन के दस्तावेज पंजाब एग्रो फूड कॉपरेरेशन को दिए।
इसके बाद 17 सितंबर 2004 को उसे 17 करोड़ 10 लाख रुपए का लोन जारी कर दिया गया। पहले तो वह किस्तों का भुगतान सही ढंग से करता रहा, लेकिन बाद में उसने बीच-बीच में किस्तें देनी बंद कर दीं। जुलाई 2008 में शक होने पर पंजाब एग्रो ने इसकी इंक्वायरी शुरू की। एडवोकेट मेजर सुनील मलिक द्वारा की गई जांच में एसके जैन द्वारा पंजाब एग्रो को दिए गए पांच करोड़ की प्रॉपर्टी के दस्तावेज जाली पाए गए।
आईएएस समेत कई अफसर आए चपेट में
जांच में पंजाब एग्रो के तत्कालीन एमडी आईएएस अफसर कृपा शंकर, एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर अमरपाल सिंह, जनरल मैनेजर आरके सिंगला और पंजाब एग्रो फूड गेन्स लिं. के मैनेजर राकेश कुमार की मिलीभगत सामने आई। पंजाब के चीफ सेक्रेटरी ने इन्हें चार्जशीट किया।
बाद में आईएएस ऑफिसर चीफ सेक्रेटरी रैंक की अधिकारी रोमिला दूबे द्वारा की गई जांच में पाया गया कि उक्त अधिकारियों ने लोन देने के लिए निर्धारित मापदंड पूरे नहीं किए और अपनी मर्जी से लोन जारी कर दिया। रोमिला दूबे की सिफारिश पर यह मामला विजिलेंस को सौंप दिया गया।
जांच को लेकर लटका रहा मामला
विजिलेंस ने जांच में पाया कि घोटाला चंडीगढ़ के अधिकार क्षेत्र में आता है। विजिलेंस ने चंडीगढ़ पुलिस को कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश की, लेकिन मामला लटकता आ रहा था। चंडीगढ़ पुलिस कहती रही कि केस विजिलेंस का है, तो दूसरी तरफ विजिलेंस का कहना था कि यह चंडीगढ़ पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है। बाद में सुरेश अरोड़ा के चीफ विजिलेंस ब्यूरो पंजाब बनने के बाद उन्होंने स्थिति क्लियर कर दी।
इन पर मामला किया दर्ज
विजिलेंस के चीफ सुरेश अरोड़ा की सिफारिश पर चंडीगढ़ पुलिस ने 14 अप्रैल 2013 को कंपनी के मालिक एसके जैन, उनकी पत्नी सुनीता जैन, बेटे निश्चल जैन, अधिकारी अनिल वर्मा और वेल्युअर विरेंद्र सैनी के खिलाफ धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज तैयार करने और साजिश रचने का मामला दर्ज कर लिया।
मेरठ की जमीन दिखाई
एसके जैन ने लोन लेने के लिए पंजाब एग्रो को उत्तरप्रदेश के मेरठ जिले के प्रतापपुरा, नई दिल्ली के प्रसाद नगर और उत्तरांचल की मंसूरी की जमीन के फर्जी दस्तावेज दिए थे। इनमें से सबसे ज्यादा जमीन मेरठ के प्रतापपुरा की थी।
जल्द होगी कार्रवाई: एसएसपी
चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी नौनिहाल सिंह ने कहा कि पंजाब एग्रो के साथ धोखाधड़ी करने वाली कंपनी के मालिक और अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।