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प्रचार का एक रंग ये भी! गुस्साई पब्लिक से पहले मांग रहे माफी, फिर वोट

8 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, प्रचार के रंग भी तेजी से बदल रहे हैं। प्रत्याशी अब घर-घर पहुंच रहे हैं वोट मांगने। पर पहले उनका सामना हो रहा है इलाके की समस्याओं से। जो खुली किताब की तरह हैं। नजर पडऩा लाजमी है। इसलिए दरवाजे पर पहुंच वे शुरुआत ही माफी से करते हैं। कहते हैं-वादे पूरे नहीं हो सके। माफ कीजिए। इस बार वोट दीजिए, निराश नहीं करेंगे। जहां वे खुद नहीं कहते, लोग विकास की कहानी खुद कह देते हैं।

लोग पूछ रहे सांसद कहां हैं?
लुधियाना, श्री आनंदपुर साहिब, जालंधर और होशियारपुर में लोग कांग्रेस से कॉमन सवाल पूछ रहे हैं कि सांसद कहां है? पांच साल में उन्होंने क्या काम किए, उनका लेखा-जोखा तो देना चाहिए। दरअसल, लुधियाना के सांसद मनीष तिवारी अस्वस्थ होने के कारण चुनाव नहीं लड़ रहे। वहां से रवनीत बिट्टू मैदान में हैं, जो श्री आनंदपुर साहिब से सांसद हैं। मोहिंदर केपी जालंधर छोड़कर होशियारपुर चले गए हैं। वहां सांसद संतोष चौधरी को टिकट नहीं मिला है।

बदहाली पर लोगों का गुस्सा शांत करने के लिए हाथ जोड़े फिर रहे नेता

बठिंडा, यहां सबसे बड़ी समस्या है सीवरेज की है। सांसद हरसिमरत कौर कहती हैं कि यह क्रोनिक प्रॉब्लम है। इसे कैसे दूर करना है, इसे लेकर योजनाएं भी बताती हैं। कहती हैं कि केंद्र से फंड न मिलने के कारण इस समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हो सका। अभी और समय लगेगा। साथ ही आश्वासन दे रही हैं कि अगले पांच साल में समस्या हल कर दी जाएगी।

आज तक हल नहीं हो पाई हलके की सीवरेज प्रॉब्लम
अमृतसर में बॉर्डर पार से होने वाली ड्रग तस्करी का मुद्दा भी फिर से उछल रहा है। सीमा से लगते इलाकों की चुनावी सभाओं में लोग नेताओं से पूछ रहे हैं कि वोट मांगने तो आ जाते हैं, पर नशे के कारण बर्बाद हो रहे घरों को लेकर सिर्फ वादे ही क्यों किए जा रहे हैं? कुछ दिन पहले नशे के कारण बेटे को खो चुकी महिला के सवाल पर नेता ने सिर्फ इतना ही कहा कि इस बार जिताओ तो सही, नशों पर रोक लगाएंगे।

नशे का कारोबार रुकवाने के भरोसे पर ही मिलेंगे वोट
लुधियाना में भाजपा के एक मंत्री वैट रिफंड के वाउचर बाउंस होने के कारण व्यापारियों के आगे हाथ जोड़ते नजर आ रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा और अन्य नेता व्यापारियों को एनडीए सरकार बनने पर रियायतें देने की बात कहकर चुनाव तक शांत रखने की कोशिश कर रहे हैं। अकाली नेता मोदी लहर पर सवार होकर सीट निकालने का जुगाड़ लगा रहे हैं।

वैट रिफंड न होने पर इंडस्ट्री से माफी मांगनी पड़ रही है
जालंधर में प्रमुख प्रत्याशी धनवान हैं। बड़ी गाडिय़ों पर वोट मांगने निकलते हैं। अकाली प्रत्याशी पवन टीनू से तीन दिन पहले उनके समर्थक ने स्टेज पर ही पूछ लिया कि सड़कें ठीक क्यों नहीं हो रही? इससे एक दिन पहले अकाली दल के एक बड़े नेता ने चुनावी सभा में वोट मांगने से पहले टूटी सड़कों के लिए बाकायदा माफी मांगी। शनिवार को भी एक नेता ने खेद जताया।