जालंधर . रेलवे रोड से सटे ऋषि नगर में गंदा पानी पीने से दस लोग उल्टी दस्त के शिकार हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि वाटर सप्लाई में गंदा पानी मिल गया है। इससे बीमारी फैली।
नगर निगम ने मुलाजिमों को भेजकर जांच करवाई और एक अवैध कनेक्शन भी काट दिया। परंतु अभी फॉल्ट ढूंढने का काम जारी है। सेहत विभाग ने शनिवार सुबह इलाके का सर्वे करके पानी के दो सैंपल भरे। साथ ही क्लोरीन की गोलियां भी बांटीं।
अजय, सतपाल, अविनाश, अमित और दविंदर ने बताया कि दस दिन से इलाके में गंदा पानी आ रहा है। इसमें बदबू भी आ रही थी। पानी उबाल कर पी रहे थे, लेकिन फिर भी बीमारी फैल गई। उन्होंने नगर निगम को भी समस्या बताई थी, लेकिन फिर भी कोई हल नहीं निकला।
उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में लोगों के बीमार होने के बाद नगर निगम ने अपनी टीमों को मौके पर भेजा है। इलाके में टीना (9), लवनीत (4), अनीता (35), कशिश (3), विकास (3), प्रेमलता (70), रत्ना (50),पिंकी (22), सुदेश 32, दमन (8) और विनय (7) बीमार है। सेहत विभाग की टीम ने सभी की जांच करके दवा दे दी गई। हेल्थ सुपरवाइजर हरविंदर सिंह और अमरवीर सिंह ने कहा कि इलाके में 70 घरों का दौरा करके 422 लोगों की जांच की है। यहां दो हजार क्लोरीन की गोलियां वितरित करके दो पानी के सैंपल जांच को भेज दिए हैं।
एक अवैध कनेक्शन काटा
सहायक कमिश्नर पीएस जग्गी ने बताया कि इलाके से एक अवैध कनैक्शन को काट दिया गया है। ऋषि नगर से एक अवैध कनैक्शन मंडी फैंटनगंज की तरफ जा रहा था। वह सीवरेज वाली पाइप से ही निकाला हुआ था। जिसे काट दिया गया है। उनका कहना है कि इसी कनैक्शन से गंदा पानी मिक्स होकर पीने वाली पाइप में जा रहा था।
इलाके में फॉल्ट ढूंढ रहे कर्मी
इलाका पार्षद अर्जुन सिंह पप्पी का कहना है कि उनके पास कोई जानकारी नहीं थी। किसी इलाका निवासी ने उन्हें जानकारी ही नहीं दी थी। उन्हें शनिवार सुबह ही जानकारी मिली है। उन्होंने निगम को शिकायत की। अब फॉल्ट ढूंढा जा रहा है।