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डीटीओ दफ्तर में एक भी कर्मचारी नहीं आया, 300 आवेदक लौटे

7 वर्ष पहले
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जालंधर. डीटीओ केहर सिंह तीन दिन से ऑफिस नहीं आ रहे। शुक्रवार को वह रिटायर हो जाएंगे। वीरवार को तो जिला ट्रांसपोर्ट दफ्तर का एक भी कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आया। सभी विंडो बंद थीं। इस पर लाइसेंस का काम करवाने आए लोग इकट्ठा हो डीसी के पास चले गए।

डीसी ने जीए जनरल को जांच के लिए डीटीओ दफ्तर भेजा। जीए ने हाजिरी रजिस्टर चेक किया। ज्यादातर छुट्टी पर थे। कुछ कर्मचारियों को फोन कर ऑफिस बुलाया गया। आधे घंटे में एक-दो कर्मचारी ऑफिस आए। लेकिन आधे घंटे बाद उन्होंने यह कहकर काउंटर बंद कर दिया कि डेढ़ बजे के बाद कोई काम नहीं होगा। करीब ३०० लोग बैरंग लौटे। इस कारण लर्निंग लाइसेंस का काम भी अटका रहा। लाइसेंस की डाक दस दिन से ऑफिस में ही पड़ी है।

एक महीने से नहीं मिल रहा लाइसेंस

मकसूदां के रहने वाले दिलबाग सिंह ने बताया कि वह हैवी व्हीकल लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए दस दिनों से डीटीओ दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। ऑफिस का फोन भी बंद है। मोहल्ला मखदूमपुरा के रहने वाले सैम्युल का कहना है कि बाइक की आरसी बनवाने के लिए वह पिछले पांच दिन से डीटीओ दफ्तर में आ रहे हैं। रामामंडी के रहने वाले जतिंदर पाल सिंह ने बताया कि अपने लाइसेंस पर लिखी गलत जन्म तिथि ठीक करवाने के लिए उसने एक जनवरी से कागज जमा करवाए हुए हैं। एक महीना होने को है। अभी तक उसे लाइसेंस नहीं मिल रहा। चार दिन से सात नंबर खिड़की बंद है। भोगपुर के मोहिंदर लाल ने बताया कि वह अपने बेटे नीरज के साथ इटली जा रहे हैं। रिन्यू के लिए दिया लाइसेंस लेने के लिए वह पिछले दस दिन से डीटीओ के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक नहीं मिला। तीन फरवरी को उनकी फ्लाइट है।