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डाउनलोड करेंजालंधर. सेहत विभाग ने राज्य के 100 अस्पतालों को अपग्रेड करने का प्लान बनाया है। इस योजना के तहत हर 25 किमी. में एक अस्पताल में सभी मेडिकल सुविधाएं और स्टाफ मुहैया करवाया जाएगा। यह कार्य तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इनमें डिवीजन, सबडिवीजन और तहसील स्तर के सरकारी अस्पतालों का चयन किया गया है।
ये सभी अस्पताल एक-दूसरे से कनेक्ट रहेंगे हैं। मरीज की जरूरत को देखते हुए उसे सेकेंडरी सेंटर पर भी भेजा जाएगा। इससे एक्सीडेंट केसों में घायल मरीजों को काफी सुविधा मिलेगी। योजना को सीएम की मंजूरी मिल गई है।
अलग फंड की जरूरत नहीं : सेहत विभाग के डायरेक्टर डॉ. अशोक नैय्यर ने बताया कि योजना के लिए अलग से फंड जरूरत ही नहीं है। बजट में सेहत सुविधाओं के लिए 1286 करोड़ रुपए मिले हैं। इसमें से ही फंड खर्च किया जाएगा।
ये अस्पताल शामिल हैं
राज्य के हर जिले के सिविल अस्पताल को योजना में शामिल किया गया है। साथ ही 41 सब डिवीजन और 31 कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर भी शामिल होंगे।
अन्य अस्पताल भी जोड़ेंगे : मंत्री
सेहत मंत्री मदन मोहन मित्तल ने कहा कि पहले चरण में योजना में सौ अस्पताल शामिल किए गए है। इन्हें सुधारने का काम शुरू कर दिया गया है। बाद में बाकी अस्पतालों को भी शामिल किया जाएगा। किसी भी डॉक्टर को घर से 25 किलोमीटर दूर नहीं लगाया जाएगा।
सारा स्टाफ तैनात होगा
सेहत विभाग की प्रिंसिपल सेक्रेट्री विन्नी महाजन ने बताया कि योजना के मुताबिक हर अस्पताल में जरूरत का स्टाफ होगा। जिस अस्पताल पर लोड ज्यादा होगा वहां स्टाफ भी ज्यादा होगा। कई अस्पतालों में जरूरत से ज्यादा स्टाफ काम कर रहा है। उसे बुलाया जाएगा। यह जानकारी जुटाने का जिम्मा सेहत विभाग के डायरेक्टर डॉ. अशोक नैय्यर को सौंपा गया है।
यहां आएगी समस्या
सेहत विभाग को स्टाफ की ट्रांसफर करने पर काफी समस्या पेश आएगी। पंजाब में जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, बठिंडा और मोहाली को छोड़कर हर अस्पताल में स्टाफ की कमी है। इन अस्पतालों में जरूरत से ज्यादा स्टाफ काम कर रहा है। बार्डर एरिया के अस्पतालों में स्टाफ काफी कम है। इन अस्पतालों में स्टाफ ज्वाइन करने को तैयार नहीं होता।
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