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2000 श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई बेगमपुरा एक्सप्रेस

9 वर्ष पहले
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जालंधर. सिटी रेलवे स्टेशन के बाहर दोपहर 12.30 संगत डीजे पर बज रहे भक्ति संगीत पर झूम रही थी। पुलिस स्क्वायड के साथ फूलों से सजी लाल रंग की सफारी जैसे ही रेलवे परिसर में पहुंची हजारों की गिनती में मौजूद संगत ने ‘जो बोले सो निर्भय’ के जयकारे लगाने शुरू कर दिए।
गाड़ी स्टेशन के वीआईपी गेट के पास रुकी। डेरा 108 संत सरवन दास जी बल्लां के गद्दीनशीन निरंजन दास जी उतरे और सुरक्षा के घेरे में स्टेशन मास्टर के रूम में चले गए। इसी दौरान प्लेटफार्म नंबर एक पर फूल मालाओं और संतों की तस्वीरों से सजी बेगमपुरा स्पेशल ट्रेन भी आ गई। संगत नाचते-गाते ट्रेन में सवार होने लगी। कोई चिम्टा लेकर तो कोई ढोल की थाप पर थिरक रहा था।
संत निरंजन दास से मुलाकात करने चौधरी जगजीत सिंह, संतोख चौधरी, चौधरी राम लुभाया, बसपा प्रधान प्रकाश सिंह जंडाली, सुखविंदर कोटली, राजेंद्र रीहल भी पहुंचे थे। करीब 1.30 बजे संत निरंजन दास, संत सुरेंद्र दास, संत लेखराज पुलिस के घेरे में वीआईपी रूम से निकल ट्रेन के कोच नंबर 11 की ओर बढ़े। इंजन पर सतगुरु रविदास महाराज की फोटो के सामने करीब आधे घंटे तक संगत हाथ जोड़कर खड़ी रही। 2.18 बजे पर ट्रेन ने हार्न बजाया। गार्ड ने हरी झंडी दी और ट्रेन करीब दो हजार संगत को लेकर बनारस के लिए चल पड़ी।
शोभायात्रा के रूप में पहुंचे
दोपहर करीब 12 बजे बीएसएफ चौक पर गुरु रविदास एजुकेशनल एंड चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान सेठ सतपाल मल और महासचिव सुरेंद्र कुमार महे ने संत महात्माओं का फूल मालाओं से स्वागत किया। वहां से शोभायात्रा के रूप में ट्रस्ट के कार्यकर्ता और दूसरी संगत पैदल चलकर स्टेशन तक पहुंची। इस दौरान लाडोवाली रोड़ पर शोभायात्रा के स्वागत के लिए कई स्टेज लगाए गए थे। इस मौके पर सरवण दास महे, अश्विनी महे, दविंदर बंटी, विष्णु दत्त, तुलसी महे, गौरव महे, जोगिंदर पाल, चिंतराम महे, प्रमोद महे, मूल राज, लाडी मल्लण, सन्नी महे, टोनी महे, रिंकू महे, बॉबी महे, हैप्पी महे, निर्मल पाहवा, चमन लाल महे, विपन महे, राकेश महे व कुणाल महे मौजूद थे।
स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की टीमों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त आरबी राय, स्टेशन इंचार्ज एके शर्मा, जीआरपी के एसएचओ बलदेव सिंह रंधावा स्टेशन पर मौजूद रहे। आरपीएफ और जीआरपी ने दूसरे स्टेशनों के जवानों को भी बुलाकर तैनात किया था। एडीसीपी-वन नरेश डोगरा भी जवानों के साथ स्टेशन पर तैनात रहे।