पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंजालंधर. पूर्व कांग्रेस पार्षद अवनीश अरोड़ा की एक एकड़ में बनी दो मंजिला रबड़ फैक्ट्री में शार्ट सर्किट से आग लग गई, जिसे बुझाने में 25 दमकल गाडिय़ों को सात घंटे लग गए। इंडस्ट्रियल एस्टेट के प्लॉट नंबर ए-5 की विशाल रबड़ इंडस्ट्रीज की दूसरी मंजिल पर बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे आग की शुरुआत हुई। पंजाब की प्रमुख चप्पल निर्माता कंपनी को अवनीश के पुत्र गौरव अरोड़ा संभालते हैं। अवनीश अरोड़ा ने कहा कि पच्चीस-तीस लाख रुपए का रबड़ शीट का स्टाक राख हो गया है। इमारत और मशीनरी का 70 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसका आंकलन किया जा रहा है।
दूसरी मंजिल पर पैकिंग यूनिट है और यहीं रबड़ शीट का स्टाक था। साढ़े पांच बजे तक दिन की शिफ्ट के मजदूरों को छुट्टी होती है। दूसरी शिफ्ट शुरू होती है। आसपास के फैक्ट्री वालों ने तभी दूसरी मंजिल से धुआं उठता देखा। चंद मिनटों में आग भड़क गई, अंदर १५ वर्कर थे। फैक्ट्री में तीन गेट हैं, जिनके जरिए फैक्ट्री से रबड़ बाहर निकाल ली गई। निगम दमकल सूचना देने के ४५ मिनट बाद पहुंचा। जालंधर इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट एक्सटेंशन एसोसिएशन ने कैमिकल युक्त गाडिय़ां उससे पहले मौके पर भेज दीं। पानी से आग पर कोई असर नहीं पड़ रहा था। करीब पच्चीस गाडिय़ां रात दस बजे तक आग बुझा रही थीं।
फायर ब्रिगेड के पास न केमिकल, न लाइटें
इलाके की बिजली काट दी गई थी। शुरुआत में निगम की गाडिय़ां पहुंची तो सही लेकिन उनके पास रबड़ की आग बुझाने वाला केमिकल ही नहीं था। न तो उनके पास लाइटें और न ही विशेष सूट थे। जालंधर इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट एक्सटेंशन के प्रधान नरिंदर सिंह सग्गू और इंडस्ट्रियल एस्टेट एक्सटेंशन वेलफेयर सोसायटी के प्रधान सूबा सिंह ने निगम कमिश्नर एमएस छतवाल से केमिकल युक्त दमकल भेजने को कहा। इसके बाद कैमिकल से भरी दमकल पहुंची। जिससे आग पर काबू पाया गया। उद्योगपतियों ने कहा कि फायर ब्रिगेड की देरी और कैमिकल न होने के कारण आग बेकाबू हुई है। विशाल रबड़ इंडस्ट्री के पीछे गत्ते के कारखाने हैं, जिन्हें आग की आशंका थी।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.