जालंधर। केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री एवं पूर्व चीफ ऑफ आर्मी वीके सिंह ने कहा यहां लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के यूथ सेमिनार में कहा, जिस दिन यूथ खड़ा होगा चेंज आ जाएगा। वे एलपीयू के रोल ऑफ यूथ नामक इस सेमिनार में बोल रहे थे। वीके सिंह ने न सिर्फ इस एक, बल्कि लगभग हर सवाल के जवाब में यही कहा कि आप उठ के खड़े हो जाइए, चेंज आ जाएगा।
दरअसल, एक्टिविटी अफेयर्स देख रहे राकेश महाजन ने जनरल से सवाल पूछा था कि जातिवाद पर आधारित आरक्षण को शुरू करने का मकसद पूरा हो चुका है।
पिछड़े वर्ग एससी, ओबीसी को समाज में दूसरी जातियों के साथ बराबर खड़ा करना मकसद था। फिर भी कास्ट बेस्ड रिजर्वेशन सिस्टम खत्म क्यों नहीं किया जा सकता? क्यों उसे अब इकोनॉमी बेस्ड रिजर्वेशन सिस्टम नहीं बनाया जाता? वीके सिंह ने कहा, लोग सोचते हैं मैं पॉलिटिक्स में क्यों आया? रिटायर होने वाला था। सोचा, गोल्फ खेलूंगा, मूंछों को ताव दूंगा, कॉकटेल पार्टी करूंगा और सबको डांटूंगा। वही जो सब फौजी करते हैं। इस सब की बजाए, देश में बदलाव का फैसला लिया। शुरुआत अन्ना के साथ की। री क्लेम इंडिया के बैनर तले जनतंत्र मोर्चा के जरिए देश को बदलने का आगाज किया। प्रदेश-प्रदेश घूमने की शुरुआत पंजाब के जलियांवाला बाग से की। लोकपाल बिल पास हो गया तो लोगों ने पूछा आप क्यों नहीं जाते राजनीति में, मैं आ गया।
स्टूडेंट्स के सवाल-
सवाल: क्या आप यूथ को पार्लियामेंट में देखते हैं?
-हां, यूथ का वेलकम है। मैं तो कहूंगा कि संसद में पहले से ही बहुत सारे युवा सांसद हैं।
सवाल: सब कहते हैं पॉलिटिक्स डर्टी गेम है, इसमें आपको क्या पॉजीटिव मिला?
-अगर गंदगी को साफ करना है तो गंदगी में जाना पड़ेगा।
सवाल: आप वहां से उठ कर आते हैं जहां कुछ कर सकते हैं? हमें तो हमेशा दबाया जाता है?
-जब तुम आईपीएस बनोगे तो वो मत करना जो तुम कह रहे हो।
(फोटो - एलपीयू में मंच पर स्टूडेंटस के सवालो का जवाब देते वीके सिंह।)