पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Get A Life Supreme Gift To Humanity,Pujnab, Jalandhar News

मानवता को ब्रह्मज्ञान से मिलेगा जीवन दान : आशुतोष महाराज

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जालंधर। वैदिक और भारतीय संस्कृति सार्वभौमिक और सर्वकालिक है। इसे समझाने की शक्ति गुरु में ही है। आज की दम तोड़ती मानवता को बचाना है तो लोगों को ब्रह्मज्ञान की तरफ अग्रसर होना होगा। ब्रह्मज्ञान का रास्ता गुरु ही बताएगा। इसलिए संगत को गुरु की शरण में जाना चाहिए। यह प्रवचन गुरु पूर्णिमा के मौके पर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान नूरमहल में आयोजित कार्यक्रम में संस्थापक आशुतोष महाराज ने दिए।

उन्होंने कहा कि परमात्मा को जानने के लिए एक गुरु की परम आवश्यकता है। इसके द्वारा मानव को वास्तविक स्वरूप का बोध होता है। इसी कारण हमारे समस्त धार्मिक ग्रंथ गुरु की महिमा का गुणगान कर रहे हैं। गुरु वह जीवन शक्ति है जिसके स्पर्श मात्र से जड़ चेतन में भी जागृति आ जाती है। गुरु पूजा के दिवस को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

पूजा के विषय में बताते हुए उन्होंने कहा कि जब तक उस शब्द के साथ मन लीन नहीं होती तब तक आपकी पूजा स्वीकार नहीं होगी। संसार पूजा तो कर रहा है लेकिन पूजा की विधि के बारे में उसे ज्ञान नहीं है। जो गुरुमुख होता है भाव जिसकी अंतर दृष्टि खुल चुकी है केवल वही पूजा की विधि जानता है और उसकी पूजा ही श्रेष्ठ और सफल पूजा है।
इस मौके गोदान महायज्ञ का भी आयोजन किया गया।

इसमें 101 गायों का दान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही।