पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

किसानों से लैंड पूल कर पुडा बनाएगा शहर में हाउसिंग प्रोजेक्ट

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जालंधर. किसान अगर पुडा को जमीन देने को तैयार हो गए तो शहर के आसपास अर्बन एस्टेट-3 और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लाया जाएगा। तीन साल से दोनों प्रोजेक्ट जमीन न मिलने के चलते लटके हैं। पुडा ने मंगलवार को पब्लिक नोटिस जारी करके कहा है कि नई लैंड पूलिंग नीति के तहत उसे जमीन दें। पिछले साल नोटीफाइड लैंड पूलिंग पालिसी के तहत पूरे पंजाब के किसानों से जमीनें देने के लिए संपर्क करने को कहा गया है।

पुडा के जानकारों ने बताया कि उक्त पालिसी के तहत जहां भी पुडा हाउसिंग प्रोजेक्ट लाएगा। वह पर किसानों को योजना में हिस्सेदार बना लिया जाएगा। किसानों की जमीन को पुडा विकसित करेगा। सीवरेज डालेगा। पानी की लाइनें डालेगा। स्ट्रीट लाइट और सड़कों का इंतजाम करेगा। जब सारा एरिया विकसित हो जाएगा तो किसान की जमीन की वेल्यू के हिसाब से योजना में से प्लाट दे दिए जाएंगे। इन्हें किसान अपनी मर्जी से बेच सकेगा। किसानों को फाइनेंशियल लाभ होगा, तभी वो लैंड पूल कर सकेंगे।

120 फुट रोड पर ग्रुप हाउसिंग और कॉमर्शियल एरिया
शहर की 120 फुट रोड पर पुडा ने ग्रुप हाउसिंग और कॉमर्शियल एरिया के लिए साइट रिजर्व कर रखी है। छह महीने पहले प्राइवेट बिल्डरों को जमीन बेचकर ग्रुप हाउसिंग और शापिंग कांप्लेक्स बनाने की योजना बनाई थी। रियल इस्टेट में मंदी के चलते ग्राहक नहीं मिले थे।

पुरानी जेल की 17 एकड़ जमीन पर बनेंगे आठ सौ फ्लैट
पुरानी जेल की 17 एकड़ जमीन पर आठ सौ से ज्यादा फ्लैट बनेंगे। इसकी योजना इन दिनों तैयार की जा रही है। ये फ्लैट सारी आधुनिक सुविधाएं से लैस होंगे। हाई इनकम ग्रुप के लिए ब्लाॅक होगा।

बीएसएफ चौक में कॉमर्शियल कांप्लेक्स या हाउसिंग प्रोजेक्ट
राज्य सरकार ने मार्कफेड कैनरी की जमीन भी पुडा को विकसित करने को दे दी है। ये काॅमर्शियल वैल्यू की जमीन है। अभी फैसला होना बाकी है कि हाउसिंग प्रोजेक्ट लाना है या फिर काॅमर्शियल।
रुकी योजनाएं पूरी होने की आस
जालंधर में अर्बन एस्टेट-3 बनाने में जमीन की कमी ही समस्या बनी थी। फोल्ड़ीवाल के नजदीक जमीन इतनी महंगी थी कि 300 एकड़ जमीन ही पुडा खरीद न सका। बैंकों से लोन न मिला। दूसरी योजना उसने 20 एकड़ जमीन में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट की बनाई। इसके लिए भी जमीन नहीं मिल सकी थी। अब लैंड पूलिंग नीति पर दारोमदार है।

लैंड पूलिंग नीति के लाभ
अक्सर किसान जमीन बेचने के बाद जमीन की और कीमत वसूलने की मांग लेकर कोर्ट चले जाते हैं। जैसा ही इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की कालोनियों को लेकर हुआ। लैंड पूलिंग में ऐसे केस नहीं होंगे। दूसरे - जमीन खरीदने पर जो पुडा को लोन लेकर पैसे चुकाने पड़ते हैं, उसका पंगा नहीं रहेगा। तीसरी- किसान खुद ही जमीन देने को आगे आते हैं।

गांधी वनिता आश्रम होगा शिफ्ट
कपूरथला रोड पर स्थित गांधी वनिता आश्रम की पुरानी इमारत को गिरा दिया जाएगा। इस दस एकड़ से ज्यादा जमीन पर पुड्‌डा कर्मिशियल काम्पलेक्स बनाएगा। आश्रम को पुरानी इमारत के बिल्कुल पीछे नया काम्पलेक्स तैयार करके दिया गया है। पुड्‌डा का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। कपूरथला चौक के पास प्राइम लोकेशन में सबसे महंगा प्रोजेक्ट है।