जालंधर. रेस्त्रां, होटल के कमरे या बियर बार में स्मोकिंग करने दी तो लाइसेंस कैंसिल हो सकता है। एक्साइज, सेहत विभाग, होम अफेयर्स और लोकल गवर्नमेंट विभाग को सरकार ने सिगरेट एंड अदर टोबेको प्रॉडक्ट एक्ट को सख्ती से लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत किसी भी रेस्त्रां, होटल, ढाबा, करियाना दुकान और कोई भी ऐसी जगह जहां खाने पीने की चीजें बिकती हों में 60 सैमी बाई 30 सैमी का एक बैनर या बोर्ड लगाना भी जरूरी हो गया है। होटल के कमरे में माचिस ऐश ट्रे और ऐसी कोई भी चीज जो स्मोकिंग करने में काम आती है पर भी बैन लग गया है। ई सिगरेट और हुक्के पर भी बैन लगाया गया है। वीरवार को सिविल अस्पताल जिले की होटल, बेकरी, करियाना और हलवाई एसोसिएशन के नुमाइंदों के साथ सिविल सर्जन डॉ. आरएल बस्सन ने एक मीटिंग की। इसमें जिला सेहत अफसर डॉ. बलविंदर सिंह, फूड सेफ्टी अफसर राशू महाजन, सुख राव सिंह और डॉ. हरजोत सिंह मौजूद रहे।
सिविल सर्जन आरएल बस्सन का कहना है कि उन्हें एडवांस एग्जास्ट सिस्टम की जानकारी नहीं है। तंबाकू से फेफड़े के कैंसर से लेकर मुंह, गला और पेट का कैंसर हो सकता है। इस कानून को तोड़ने वालों के लिए 200 से 10 हजार तक का जुर्माना और अधिकतम 5 साल की सजा का प्रावधान है। होटल का लाइसेंस अगर कैंसिल हो जाए तो होटल वालों को काफी नुकसान हो सकता है। इसलिए वे कानून की पालना करें। बैनर लगाएं, ग्राहकों को सिगरेट पीने से रोकें और खुली सिगरेट बेचना बंद करें।
बैन लगने में वक्त लगेगा
सुखराव सिंह ने बताया कि सरकार ने चैनी खैनी, कूल लिप खैनी और कुबेर खैनी पर भी बैन लगा दिया है। एक बार इस तरह के प्रॉडक्ट बैन हो जाएं तो उसके बाद 100 फीसदी प्योर तंबाकू प्रॉडक्ट पर भी बैन लग सकता है लेकिन उसके लिए कम से कम एक सदी लग सकती है।
हम गेस्ट की चेकिंग कैसे कर सकते हैं : बुद्धिराजा
होटल एंड रेस्त्रां एसोसिएशन पंजाब के प्रधान परनीत सिंह बुद्धिराजा ने बताया कि आजकल होटल के कमरों में एडवांस एग्जास्ट सिस्टम लगे हैं। हमारे ऊपर यह कंडीशन लगाना तो बहस का मुद्दा है। हम अपनी ऑब्जेक्शन जल्द सरकार को सौंपेंगे। हम अपने गेस्ट की चेकिंग नहीं कर सकते। न ही उन्हें रूम में सिगरेट पीने से रोक सकते हैं। हमारे रूम इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के हैं। इससे तो हमारे काम पर फर्क पड़ेगा।