जालंधर. लैंड इनहांसमेंट की रकम देने की समस्या केवल गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू के लोगों के लिए ही नहीं है। हकीकत में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की सभी अहम स्कीमें लैंड इनहांसमेंट के केसों में घिर गई हैं। इनमें ट्रांसपोर्ट नगर और सूर्य एन्क्लेव भी शामिल हैं। पिछले दस साल से चल रहे कोर्ट केसों के अनुसार लैंड इनहांसमेंट की रकम ब्याज सहित करीब नब्बे करोड़ रुपए बन रही है।
ये सारा पैसा प्लाट खरीदने वालों को देना होगा। किस कालोनी के लोगों से कितना पैसा लेना है, इसकी कैलकुलेशन चल रही है। आगामी मंगलवार को लोग लोकल बॉडीज मंत्री अनिल जोशी के पास मामला लेकर जा रहे हैं।
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के जानकार बताते हैं कि अब तक जिस भी किसान की जमीन ली जाती थी। जब वह कोर्ट जाता है तो ट्रस्ट उसे चुनौती देता आया है, लेकिन 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू का केस हारने के बाद अब तक चल रहे अलग-अलग केसों में भी ट्रस्ट पर फैसला लागू हो रहा है। अब हर केस में किसान गुरु गोबिंद सिंह एन्क्लेव की मिसाल देंगे, जिसके बाद साफ हो गया है कि एक न एक दिन सभी कालोनियों में लैंड इनहांसमेंट की रकम की वसूली शुरू होगी।
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के ईओ एडवोकेट दयाल चंद गर्ग कहते हैं कि लैंड इनहांसमेंट रकम की देनदारी नियम के अनुसार प्लाट होल्डर पर है लेकिन अभी वह इस हालत में नहीं हैं कि ये बता सकें कि किस कालोनी को कितने पैसे देने पड़ेंगे। वहीं, ट्रस्ट के एसई मुकुल
सोनी कहते हैं कि तीन कालोनियों ट्रांसपोर्ट नगर, गुरु गोबिंद सिंह एन्क्लेव और सूर्या एन्क्लेव के लैंड इनहांसमेंट के केस हैं। ब्याज सहित लैंड इनहांसमेंट की रकम किसानों को देनी होगी।
प्लाट खरीदते समय नियम नहीं समझते लोग
जब किसी को ट्रस्ट प्लाट बेचता है तो उसके एक हल्फिया बयान लेता है। इस पर ग्राहक ये बात लिखकर देता है कि अगर कल को जमीन की अतिरिक्त कीमत ट्रस्ट ने मांगी तो वह इसे चुकाने के लिए बाध्य होगा। प्लाट लेते वक्त हर नियम की बारीकी में लोग नहीं जाते।
हमने सरकार पर विश्वास करके प्लाट खरीदे : रेजीडेंट्स
रेजीडेंट्स का कहना है कि जब जमीनों को लेकर कानूनी झगड़े थे, उन्हें सेल क्यों किया। गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू वेलफेयर सोसायटी के प्रधान राजन गुप्ता ने कहा कि हमने तो ट्रस्ट पर सरकारी संस्था होने के नाते विश्वास किया। सोसायटी के सदस्य महेश कुमार उल्टा सवाल करते हैं। कहते हैं - कोई कालोनाइज़र कोर्ट केस वाली जमीन बेचना चाहे तो कोई खरीददार बनने का रिस्क लेगा? सीपीएस केडी भंडारी और विधायक मनोरंजन कालिया को सारी समस्या बताई है। हम उनके जरिए लोकलबॉडी मंत्री अनिल जोशी के पास जा रहे हैं, मसला लेकर।
किस कालोनी में कितना बोझ
- गुरु गोबिंद सिंह एंकलेव (15040 मरले) करीब 18 करोड़ रुपए
- सूर्या एंकलेव (31040 मरले) - 35 करोड़ रुपए
- ट्रांसपोर्ट नगर (12000 मरले)-12 करोड़ रुपए
(मूलधन के करीब 67 करोड़। ब्याज सहित नब्बे करोड़। अभी आधिकारिक रकम तय होनी बाकी।)