(जम्मू के आसमान में छाए बादल, बारिश की वजह से तीन घंटे तक रुका रहा सेना का राहत कार्य)
श्रीनगर/जम्मू. जम्मू-कश्मीर में रविवार सुबह अचानक हुई बारिश से करीब तीन घंटे तक राहत कार्य रुका रहा। हेलीकॉप्टर ने भी उड़ान नहीं भरी। 11 बजे के बाद बारिश थमने पर टीमें फिर से बचाव कार्य में जुट गईं। सेना ने अब तक करीब दो लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है।
रविवार सुबह करीब 8:30 बजे बारिश शुरू हुई। इससे लोग डर गए। ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई जो सड़कों पर थे। हालांकि तीन घंटे में बारिश खत्म होते ही सेना ने बचाव अभियान फिर शुरू कर दिया। सेना के हेलीकॉप्टरों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। खाने-पीने के अलावा दवाएं व अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति भी की गई। हेलीकॉप्टरों पर पथराव व राहत बलों पर हमलों के मद्देनजर जम्मू से सशस्त्र पुलिस श्रीनगर भेजी गई है। दो बटालियनों को हवाई मार्ग से भेजा गया।
कश्मीर में बीमारियों के फैलने के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों से अस्पतालों में लौटने को कहा गया है।
दोगुना होगा राशन का कोटा: उमर
जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों के लिए राशन का कोटा दोगुना किया जाएगा। राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा, "लाेगों को घरों तक नौकाओं से राशन पहुंचाया जाएगा।' जम्मू में 85 और कश्मीर में 60% बिजली बहाल हो गई है।
राज्य सरकार लौटने लगी पटरी पर
श्रीनगर| सरकार के पटरी पर लौटने की कवायद शुरू हो गई है। चीफ सेक्रेटरी एमआई खांडे ने सभी कर्मचारियों से जल्द से जल्द काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने सभी विभागों के कर्मचारियों से कहा है कि जो दफ्तर में रिपोर्ट नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
धार्मिक स्थल बने राहत शिविर
कुदरत की मार ने कश्मीर के लोगों में अमीर-गरीब और धर्म का अंतर मिटा दिया है। सभी धर्म और सभी स्तर के लोग इस समय मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों में बने राहत शिविरों में साथ हैं। एक साथ खाना खा रहे हैं। एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं। शंकराचार्य मंदिर में बने राहत शिविर में हजारों ऐसे लोग हैं जो अपने घर, कारोबार खो चुके है। इनमें हिंदुओं के अलावा मुस्लिम और सिख भी हैं। राजबाग के शबीर अहमद को सेना आठ सितंबर को इस शिविर में लाई थी। तब से वे मंदिर में ही रह रहे हैं। इसी तरह नजीर अहमद, उनकी पत्नी रजिया, बेटा आफताब कई दिनों से जीजा माता मंदिर के राहत शिविर में रह रहे हैं।
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