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डाउनलोड करेंजालंधर। क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह संधू 'पाश' के पिता मेजर सोहन सिंह संधू का बुधवार रात अमेरिका में निधन हो गया। वह 85 साल के थे। 1988 में पाश की हत्या के बाद से वह अमेरिका में ही रह रहे थे। उनकी पत्नी नसीब कौर का दो साल पहले देहांत हो चुका है। इन दिनों वह अपने बड़े बेटे ओंकार सिंह के साथ फ्रीमोंट (कैलिफोर्निया) में रहते थे। जनवरी से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। वह चलने में असमर्थ थे। तीन महीने में उन्हें दो बार दिल का दौरा पड़ा था।
मेजर साहब के बेटे पाश की छोटी उम्र में ही हत्या कर दी थी। उनकी बड़ी बेटी पम्मी अमेरिका और छोटी बेटी रजिंदर की शादी हॉलैंड में हुई है। सभी के पहुंचने के बाद उनका संस्कार किया जाएगा। पाश ने अपने कई लेख में पिता की साहित्य के प्रति रुझान के बारे में लिखा है। पाश ने लिखा है कि घर में प्रगतिशील साहित्य पढऩे के बाद ही उन्होंने लिखने के बारे में सोचा था।
आखिरी दिनों में तलवंडी सलेम में रहना चाहते थे
मेजर सोहन सिंह संधू अपना आखिरी समय नकोदर के पास अपने पुश्तैनी गांव तलवंडी सलेम में बिताना चाहते थे। पाश की हत्या के बाद वो सिर्फ एक बार गांव आए थे। 23 मार्च 2013 को पाश की 25वीं बरसी वाले दिन फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा था कि वह अपने देश लौटना चाहते हैं। बुढ़ापे के कारण शायद यह संभव नहीं। पिछले पांच साल से उनके घुटनों ने काम करना बंद कर दिया था। पाश के साहित्य पर शोध कर चुके जेएनयू में हिंदी प्रोफेसर डॉ. चमन लाल ने बताया कि वह 2011 में सेन फ्रांसिस्को में मेजर साहब के साथ रहे थे। उन दिनों वह पाश के गद्य का संकलन कर रहे थे। इनके छपने से पहले ही वह चले गए।
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