पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मधु के इलाज के लिए आगे आए प्राइवेट अस्पताल, बच्ची गायब

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जालंधर. सिविल अस्पताल में न्यूरो सर्जन न होने से इलाज के लिए तड़प रही चार महीने की बच्ची के इलाज के लिए बुधवार को प्राइवेट अस्पतालों के डाॅक्टर आगे आए, लेकिन तब तक घरवाले बच्ची को लेकर कहीं चले गए थे। ट्रॉमा वार्ड के डॉक्टरों ने बताया कि सुबह ही घर वाले किसी को बताए बिना बच्ची को कहीं लेकर चले गए। वार्ड में फाइल भी नहीं मिली।

संगोवाल की रहने वाली खुशबू की चार महीने की बच्ची मधु झूले से गिर गई थी। उसके सिर पर गंभीर चोट लगी। सोमवार रात को मधु को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। सिविल में न्यूरो सर्जन नहीं है और मधु के माता-पिता के पास पांच सौ रुपए नहीं थे कि वह प्राइवेट न्यूरोसर्जन की फीस भर सके। इस पर डॉक्टरों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया था, लेकिन माता-पिता के पास चंडीगढ़ जाने के भी पैसे नहीं थे। इस बारे में जब जालंधर भास्कर में खबर छपी तो प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची का फ्री इलाज करने के लिए सिविल अस्पताल के डॉक्टरों से संपर्क किया, लेकिन बच्ची नहीं मिली।

नासा न्यूरो केयर के डाॅ. संदीप गोयल ने खबर पढ़ने के बाद सिविल अस्पताल में फोन करके कहा कि वह बच्ची के इलाज का सारा खर्चा खुद उठाएंगे। बच्ची को लेने के लिए प्राइवेट एंबुलेंस भी भेज दी, लेकिन उन्हें बच्ची नहीं मिली। सत्यम अस्पताल के डाॅक्टर भी बच्ची के इलाज के लिए आगे आए, लेकिन उन्हें भी बच्ची नहीं मिली।
नासा न्यूरो केयर के डॉ. संदीप गोयल और सत्यम के डॉक्टरों ने बच्ची के इलाज की पेशकश की है