जालंधर। सोढल मंदिर से हाईवे की तरफ से जाने वाली सड़क पर इन दिनों व्हाइट मार्किंग हो रही है। रिफ्लेक्टर भी लग रहे हैं लेकिन सड़क पर पैचवर्क नहीं कराया जा रहा है। टूटी सड़कों पर ही व्हाइट मार्किंग करवा कर पैसे बर्बाद किया जा रहा है। निगम और वार्ड-22 के पार्षद कमलजीत सिंह बेदी की तरफ से हो रही फिजूल खर्ची का उद्योगपतियों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि नई सड़कों पर व्हाइट लाइनिंग ठीक है, लेकिन टूटी सड़कों को बनाने की बजाए उन पर ही लाइनिंग व मार्किंग करके पैसे बर्बाद क्यों किया जा रहा है। जांच होनी चाहिए।
उद्योगपति राकेश शारदा का कहना है कि डाकखाने वाली सड़क का बुरा हाल है। इसे ठीक करवाने की बजाए टूटी सड़क पर ही रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं और व्हाइट लाइनिंग भी करवा दी गई है। यह पैसे की बर्बादी है। पहले सड़क को ठीक कराया जाना चाहिए था।
राजन शारदा और सरबजीत सिंह का कहना है कि लड़कियों के स्कूल के सामने ही कूड़े का डंप बना है। इस डंप से इतनी बदबू उठती है कि स्कूल में बच्चों का बैठना मुश्किल हो जाता है। उनको सांस लेने में तकलीफ होती है।
केके गुप्ता, परमिंदर सिंह पप्पा और रवि महाजन का कहना है कि इलाके में सड़क पर अवैध कब्जों की भी भरमार है। आवारा पशुओं के अलावा सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम की है। निगम कब्जे छुड़वाने के लिए कुछ नहीं कर रहा।
जल्द कराया जाएगा पैचवर्क
नई सड़कों पर व्हाइट लाइनिंग का काम चल रहा है। सोढल मंदिर के पास पुरानी सड़क का कुछ हिस्सा भी रहता था जो पहले मार्किंग में नहीं आया था। इसलिए उस पर लाइनिंग लगवाई गई है। पैचवर्क भी करवाने को कह दिया गया है। सफाई भी हर रोज करवाई जा रही है। भले ही अभी सौ फीसदी नहीं हो पा रही है।
-कमलजीत सिंह बेदी, पार्षद- वार्ड-22