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एक रुपए किलो आटा, 20 रुपए किलो दाल पहली से

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. सरकार वेतन की मांग को लेकर पिछले 58 दिनों से हड़ताल कर रहे डिपो होल्डर्स को मनाने में कामयाब हो गई है। लोकसभा चुनाव के मौके पर आटा-दाल नहीं मिलने से होने वाले नुकसान से बचने के लिए सरकार ने डिपो होल्डर्स की कुछ मांगें मान ली हैं। इनमें डिपो तक राशन पहुंचाना और राशन का पैसा पहले नहीं लेना शामिल है। इससे एक रुपए किलो आटा और 20 रुपए किलो दाल का वितरण 1 फरवरी से फिर से शुरू हो जाएगा।

वेतन की मांग पर सरकार ने चार महीने की मोहलत ली है। इस दौरान लोकसभा चुनाव हो जाएंगे। उसके बाद वेतन में बढ़ोतरी की मांग मानने या न मानने के विकल्प सरकार के पास खुले रहेंगे। डिपो होल्डर्स की हड़ताल खत्म होने से प्रदेश के 15.56 लाख परिवारों को लाभ होगा।

वेतन का फैसला केंद्र करेगा

केंद्र सरकार ने नौ सदस्यीय कमेटी का गठन किया है जो देशभर में डिपो होल्डर्स को फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत दिए जाने वाले सस्ते अनाज के वितरण के लिए आ रही दिक्कतों पर काम कर रही है। वेतन पर फैसला भी यही कमेटी करेगी। इस पर फैसला होने में कुछ समय लग सकता है इसलिए चार महीने का समय लिया गया है।
-सतवंत सिंह जौहल, डायरेक्टर, फूड सप्लाई विभाग

डिपो होल्डर्स को पहले नहीं करना होगा निवेश

फैसले के मुताबिक अब डिपो तक गेहूं सरकार खुद पहुंचाएगी। इससे पहले डिपो होल्डर गोदाम से गेहूं या दाल लाते थे। पंजाब डिपो होल्डर एसोसिएशन के प्रधान गुरजिंदर सिंह ने कहा, 'डिपो तक राशन लाने में दो से तीन हजार रुपए खर्च हो जाते थे। इसलिए हमने कैरिज चार्जेस की मांग रखी थी।'यही नहीं, राशन बांटने के लिए अब डिपो होल्डर को पहले से निवेश नहीं करना पड़ेगा। सरकार खुद अपने खर्चे पर राशन उन्हें मुहैया करवाएगी और वितरण के बाद उनसे पैसा लेगी।

तेल वितरकों को मिलेगा डिपो लाइसेंस

फूड सप्लाई विभाग के डायरेक्टर सतवंत सिंह जौहल के साथ डिपो होल्डर्स यूनियन की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इसमें राज्यभर में 1200 से ज्यादा लोग जिनके पास मिट्टी के तेल के वितरण का अधिकार था, उन्हें डिपो का लाइसेंस देने का निर्णय लिया गया। इससे वह अनाज भी वितरित कर पाएंगे। बैठक में यूनियन के प्रधान गुरजिंदर सिंह के अलावा सीनियर उपप्रधान जसविंदर सिंह भी थे।

खटाई में है 1 रुपए किलो गेहूं की योजना

गौरतलब है कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केंद्र सरकार ने दो रुपए किलो गेहूं देने की जो योजना तैयार की है। शिअद-अकाली गठबंधन सरकार ने इसके जवाब में एक रुपए किलो गेहूं देने का ऐलान किया है। यह योजना 1 दिसंबर से लागू होनी थी लेकिन डिपो होल्डर्स की हड़ताल के कारण यह शुरू नहीं हो पाई। डिपो होल्डर्स की हड़ताल खत्म होने से यह योजना भी लागू होने की उम्मीद है।