जालंधर। शहर की सड़कें बन नहीं पा रही हैं। आने वाले कुछ दिनों में हॉट मिक्स प्लांट बंद होने जा रहे हैं। बनने वाली सड़कों शहर का एंट्री प्वाइंट पीएपी चौक भी शामिल है। इसे अभी तक बनाया नहीं गया है। वहां फुटपाथ और सीमेंट की सड़क बना दी गई है। वहां खजूर के पेड़ लगाने के लिए भी लाखों रुपए खर्च करने की तैयारी हो चुकी है। जबकि दो साल पहले हुए ग्रीन बेल्ट घोटाले की अभी जांच चल रही है। पीएपी चौक के दोनों तरफ सीमेंट के फुटपाथ और कंक्रीट बिछाया जा चुका है। ऐसे में वहां खजूर के पेड़ कहां लगाएंगे?
सोमवार को एफएंडसीसी की मीटिंग में रखे जाने वाले एजेंडे में बहुत कुछ ऐसा है जो घोटालों की तरफ इशारा करता है। ग्रीन बेल्ट हो या फिर सड़कों के निर्माण की बात। हर रोज सात हजार लीटर डीजल भी साढ़े तीन करोड़ रुपए में खरीदने का प्रस्ताव पास किया जा रहा है। शहर की जमीनों के रखरखाव के लिए और डीपीआर बनाने के लिए लाखों रुपए खर्च कर कंसल्टेंट रखने की तैयारी है, जबकि निगम अपने इंजीनियर्स को लाखों रुपए वेतन दे रहा है। एफएंडसीसी कमेटी के मेंबर सीनियर डिप्टी मेयर और भाजपा पार्षद रवि महेंद्रू इस बात का विरोध भी कर रहे हैं।
पीएपी चौक से बीएसएफ चौक तक सड़क के दोनों तरफ का काम खत्म हो चुका है। एक तरफ 36 लाख का सीवरेज डाला जा चुका है और दूसरी तरफ 60 लाख रुपए से सड़क को चौड़ा किया जा चुका है। 1800 फुट लंबी बीएसएफ से पीएपी जाने वाली लेन को चौड़ाकर 33 फुट तक कर दिया है। लेकिन अभी तक सड़क को बनाया नहीं जा पाया है। निगम अब 79 लाख रुपए खर्च कर इस सड़क को बनाने का प्रस्ताव पास करने जा रहा है। वहीं इस सड़क पर खजूर और अन्य पौधे लगाने के लिए 23 लाख रुपए खर्च करने जा रहे हैं।
कंपनी बाग बना नहीं और रखरखाव को एजेंसी हायर
कंपनी बाग में भी अभी काम पूरा नहीं हुआ है और उसके रखरखाव का दो साल का ठेका भी दे दिया है। जिस पर 23 लाख रुपए खर्च होंगे। इसी तरह कंपनी बाग में 18 लाख रुपए के पौधे अलग से लगाए जाएंगे। इनमें खजूर के पेड़ ही शामिल है। एक खजूर का 8-10 फुट ऊंचा पेड़ 5 से 6 हजार रुपए तक का है।
3.55 करोड़ रुपए का डीजल भी सवालों के घेरे में
निगम ने 92 दिन के लिए 3.55 करोड़ रुपए का डीजल खरीदने का प्रस्ताव रखा है। निगम प्रति दिन 7 हजार लीटर डीजल खपत करता है। हर रोज 3.90 लाख रुपए का तेल खरीदा जाना है। दो साल पहले निगम में डीजल घोटाले की जांच हुई थी। तब खपत 37 सौ प्रति रह गई थी। अब दोबारा से 7 हजार तक पहुंच गई है। इसकी जांच करने की मांग की गई है।
ग्रीन बेल्ट में घोटाला, जांच करवाई जाए : रवि महेंद्रू
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और एफएंडसीसी कमेटी मेंबर रवि महेंद्रू ने कहा - ग्रीन बेल्ट घोटाले की जांच आगे बढ़ाने की जरूरत है। सड़कें जल्दी कैसे टूट गई सभी फाइलों रिव्यू हों। साल 2010-11 के वर्क ऑर्डर होने के बाद ठेकेदारों ने काम क्यों नहीं किया। पेनल्टी क्यों नहीं लगी? कंसल्टेंट रखने की बजाए अपने स्टाफ से ही काम लिया जाए।
भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे, चाहे कोई भी हो : भाटिया
सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया कहते हैं कि एफएंडसीसी में रखे प्रस्ताव उनके साथ डिसकस नहीं हुए। इसमें कई प्रस्ताव एतराज वाले हैं। मैं पहले मीटिंग में पिछले एक साल में बनी सभी सड़कों का हिसाब लूंगा। जो एक साल में ही टूट गई और दोबारा बनानी पड़ी उनके जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।