पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Parliamentary Seats Congress Leaders Staking Claim To Fight

12 संसदीय सीटों पर लडऩे के लिए 124 कांग्रेस नेताओं ने जताया दावा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

चंडीगढ़. लोकसभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों के चयन को लेकर कांग्रेस की प्रदेश चुनाव कमेटी की पहली बैठक हुई। इसमें संसदीय सीटों से चुनाव लडऩे के इच्छुक नेताओं ने अपना दावा जताया। कुल 124 आवेदन आए। अभी दावे सिर्फ 12 सीटों पर आए हैं।

पटियाला से किसी ने भी दावा नहीं जताया। यूथ कांग्रेस प्रधान बिक्रम चौधरी ने दो सीटों जालंधर और होशियारपुर से अपना दावा जताया है। भुलत्थ से पूर्व विधायक सुखपाल खैहरा ने भी अमृतसर और आनंदपुर साहिब से चुनाव लडऩे के लिए आवेदन किया है। हाईकमान ने उम्मीदवारों का चयन करने के लिए 29 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है जिसमें से आज 25 नेता ही आए। जिनमें परनीत कौर अंबिका सोनी, अश्विनी सेखड़ी, आरएल भाटिया शामिल हैं।

चुनाव कमेटी की पहली बैठक : किस सीट पर किसने जताई दावेदारी

गुरदासपुर

यहां से चुनाव लडऩे के लिए पांच नेताओं ने दावा जताया है। इनमें रमन भल्ला ही एकमात्र अहम नेता हैं

अमृतसर

यहां से 14 ने आवेदन किया। इनमे विधायक ओपी सोनी, अश्विनी सेखड़ी, राजकुमार वेरका ,सुखपाल खैहरा और हरजिंदर ठेकेदार हैं।

जालंधर

7 आवेदन आए। सांसद मोहिंदर सिंह केपी, सतनाम कैंथ, यूथ कांग्रेस प्रधान बिक्रम चौधरी भी शामिल हैं।

खडूर साहिब

यहां के लिए 12 आवेदन। पूर्व मंत्री गुरचेत सिंह भुल्लर के बेटे सुखपाल भुल्लर, हरमिंदर गिल मुख्य आवेदकों में

आनंदपुर

पांच आवेदन आए हैं। मौजूदा एमपी रवनीत बिट्टू, सुखपाल खैहरा गुरविंदर अटवाल मुख्य हैं।

होशियारपुर

11 आवेदक। केंद्रीय राज्य मंत्री संतोष चौधरी, डा.ॅ राज कुमार, राजकुमार वेरका, शमशेर दूलो, यूथ कांग्रेस के बिक्रम चौधरी प्रमुख हैं।

संगरूर

यहा से आवेदन दन करने वालों में मौजूदा सांसद विजय इंद्र सिंगला और विधायक केवल ढिल्लों प्रमुख हैं।

फिरोजपुर

राणा गुरमीत सोढी, अलमित, हरनिरपाल ङ्क्षसह, जगमीत बराड,़ हंसराज जोसन, डॉ. मालती थापर राजा बडिंग भी शामिल हैं।

सिलेक्शन में राहुल का फार्मूला ठुस्स

जयपुर अधिवेशन में राहुल गांधी ने कहा था कि उम्मीदवारों का चयन केंद्रीय स्तर पर न होकर जिला व ब्लॉक स्तर की कमेटियां करेंगी पर एक बार फिर से चयन करने के अधिकार सोनिया गांधी को देकर कांग्रेस ने साबित कर दिया है कि पार्टी की शक्तियों का अभी विकेंद्रीयकरण नहीं किया जाएगा।