कपूरथला. कपूरथला-जालंधर रोड पर 36 करोड़ की लागत से बना वडाला ओवरब्रिज पिछले दो हफ्ते से तैयार होने के बाद भी आवाजाही के लिए खोला नहीं गया था। सरकार इसके उद्घाटन का समय निर्धारित नहीं कर पा रही थी। इससे लोगों को 13 किलोमीटर अतिरिक्त घूमकर रास्ता तय करना पड़ रहा था। सरकार की इस सुस्ती से नाराज स्थानीय लोगाें ने शनिवार की रात इस 800 मीटर ओवरब्रिज पर लगी बैरिकेड्स तोड़ दिए। और आवाजाही शुरू कर दी। बता दें कि 26 सितंबर 2013 को डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने कपूरथला शहर को जालंधर से जोड़ने वाले वडाला फाटक पर इस ओवरब्रिज का नींव पत्थर रखा था। नई दिल्ली की ब्रह्मपुत्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी ने इसे दो हफ्ते पहले तैयार इसे कर दिया था। लेकिन, इसका उद्घाटन नहीं हुआ था। पुल के दोनों ओर कंपनी ने दीवारे खड़ी कर दी थी। 14 दिन बाद भी जब इसका उद्घाटन नहीं हुआ तो लोगों के सब्र का बांध टूट पड़ा।
राजनीतिक खींचातान के कारण लेट हो रहा था उद्घाटन
राजनीतिक सूत्रों से पता चला है कि आरओवी का उद्घाटन राजनीतिक खींचातानी के कारण लेट हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा समर्थक चाहते थे कि पुल का उद्घाटन भाजपा के वरिष्ठ नेता व वित्तमंत्री भारत सरकार अरुण जेटली करें। वहीं अकाली दल इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से करवना चाहता है। उद्घाटन को लेकर पिछले एक महीने से कशमकश चल रही थी। इसी बीच जब लोगों को इसके जल्द उद्घाटन होने की उम्मीद नहीं दिखी तो शनिवार को उन्होंने इसे खुद ही खोल दिया।