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प्लंबर ने बचाई थी चार जिंदगियां

8 वर्ष पहले
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जालंधर. मैं साइकिल से दफ्तर जा रहा था। अचानक नजर पड़ी महावीर मार्ग के एसटी अस्पताल पर। बिल्डिंग से धुआं निकल रहा था। बाहर खड़ी महिला चिल्ला रही थी। साइकिल फेंकी। बिल्डिंग की तरफ भागा। अंदर देखा तो आग में एक युवक घिरा था। उसे बाहर निकाला। पता चला साथ कमरे में कुत्ता भी फंसा है। फिर जान की परवाह किए बिना अंदर घुसा। आग तेज हो चुकी थी। कुत्ते को बचाया। फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी।

आग की लपटें फैलती जा रही थी। साथ की बिल्डिंग की पहली मंजिल पर एक महिला और उसकी बच्ची कमरे में सो रहे थे। दरवाजा खटखटाने के बावजूद वे नहीं जगे। किसी तरह दीवारें फांद कर छत पर पहुंचा। दोनों को उठाया और नीचे लेकर आया। बस्ती मिट्ठू के अर्जुन नगर में रहने वाले 38 साल के परमजीत सिंह ने इसी तरह जान पर खेलकर बेजुबान कुत्ते सहित चार जिंदगियां बचाईं थीं।

जिस बहादुरी से चार की जान बचाई, उसी हौंसले से वह अपनी कहानी सुनाते हैं। जिला प्रशासन ने उनकी इस बहादुरी के लिए गणतंत्र दिवस मौके पर परमजीत को ब्रेवरी अवार्ड से सम्मानित करने के लिए चुना है।

परमजीत सिंह इस समय नगर निगम के लाल रत्न जोन-3 में ठेके पर फिटर हेल्पर है। रेगुलर होने के लिए जद्दोजहद जारी है। पांच हजार रुपए की नौकरी में दो बेटियों और एक बेटे का पेट पाल रहे हैं। आस है कि सरकारी नौकरी मिल जाएगी। ताकि परिवार का गुजारा चले।

हालांकि मिट्ठू बस्ती में पिता लखबीर सिंह की मौत के बाद उनकी छोटी सी करियाने की दुकान को भी संभाल रहे हैं। पत्नी मनजीत कौर हाउस वाइफ है। गौर हो कि 7 दिसंबर 2013 में सुबह 8.45 बजे सुबह महावीर मार्ग फुटबाल चौक के साथ लगती एसटी अस्पताल की बिल्डिंग में आग लग गई थी। उसी आग को बुझाने में परमजीत ने पूरी तनदेही के साथ मदद की।

शनिवार शाम पांच बजे उन्हें फोन पर पता चला कि सम्मानित किय जा रहा है। उन्हें सम्मान दिए जाने की सिफारिश नगर निगम कमिश्नर एमएस छतवाल ने की थी।