जालंधर. बुरुंडी के स्टूडेंट यानिक निकी केस के आठवें आरोपी जसकरन कलसी उर्फ जस्सा को कमिश्नरेट पुलिस ऑस्ट्रेलिया से गिरफ्तार कर इंडिया ले आई है। शाम सात बजे पुलिस ऑस्ट्रेलिया से दिल्ली पहुंची। जस्सी के ऑस्ट्रेलिया जाने की खुशी में ही 21 अप्रैल,2012 की रात दोस्तों ने पार्टी की थी। इसके बाद उनकी एलपीयू स्टूडेंट निकी से लड़ाई हो गई थी। जस्सा हमले के अगले दिन स्टडी वीजा पर ऑस्ट्रेलिया चला गया था। डीसीपी नवीन सिंगला का कहना है कि सोमवार देर रात तक टीम जालंधर पहुंच जाएगी। मंगलवार या बुधवार को प्रेस वार्ता करके पूरे केस बारे जानकारी दी जाएगी। जस्सा के ऑस्ट्रेलिया भाग जाने की सूचना ऑस्ट्रेलिया एंबेसी को दे दी थी। ऑस्ट्रेलिया कोर्ट ने इसी साल 18 मार्च को जस्सा के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया था। 7 मई को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। वह वहां टैक्सी चलाता था। इसके बाद जालंधर पुलिस की टीम उसे लाने ऑस्ट्रेलिया गई थी।
जस्सा के आस्ट्रेलिया जाने की पार्टी के दौरान हुआ था झगड़ा
21 अप्रैल, 2012 की रात एलपीयू स्टूडेंट यानिक निकी दोस्त अरिस्टो की बर्थ-डे पार्टी में गया था। निकी के दोस्त मबूयांबा और यूनियर की बस स्टैंड के बाहर शराब ठेके पर दोस्तों के साथ बीयर लेने आए सहलदीप के साथ झगड़ा हो गया। वे वहां से चले गए, लेकिन देर रात फिर से मबूयांबा को सबक सिखाने के लिए पूर्व एसपी धर्म सिंह उप्पल के बेटे रोमी उप्पल के साथ नौ दोस्त डिफेंस कॉलोनी पहुंच गए। मबूयांबा और निकी की शक्ल एक जैसी होने पर उन्होंने निकी पर हमला कर दिया। वह कोमा में चला गया। करीब दो साल तक उसका पटियाला में इलाज चला। एयर एंबुलेंस से उसे बुरुंडी भेजा गया। 1 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
सात को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, दस-दस साल की सजा हुई थी
थाना सात पुलिस ने हमले के आरोप में पूर्व दिवंगत एसपी धर्म सिंह उप्पल के बेटे रोमी उप्पल, मोता सिंह नगर के रिटायर्ड बैंक अधिकारी तीर्थ सिंह के बेटे सहलदीप, अमनदीप सिंह, सुदर्शन पार्क के शुगर मिल के एमडी सुखबीर सिंह बाजवा के बेटे अमरबीर सिंह बाजवा, लाजपत नगर के सुमंत रल्हण उर्फ बन्नी, न्यू जवाहर नगर के हर्ष गोसाईं और फगवाड़ा के जसवंत सिंह बंटू को गिरफ्तार किया था। 24 अक्टूबर, 2013 को सातों आरोपियों को दस-दस साल कैद की सजा सुनाई गई थी। रोमी पैरोल में आने के बाद से फरार है। पुलिस अभी उसका सुराग नहीं लगा सकी। प्राॅपर्टी डीलर का बेटा रणताज और कपड़ा व्यापारी का बेटा जस्सा फरार था।
जस्सा पर दोबारा चलेगा केस
जस्सा के सात साथियों को दस-दस साल की सजा हो चुकी है, लेकिन जस्सा का केस अब नए सिर से अदालत में चलेगा। पुलिस चालान पेश करेगी। इसके बाद केस का ट्रायल शुरू होगा।